नए कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में किसान प्रदर्शन करने सिरसा पहुंचे। यहां विरोध के साथ-साथ डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और बिजली मंत्री रणजीत सिंह के घर का घेराव भी होना था। इसलिए पुलिस भी बड़ी संख्या में तैनात थी। दोनों मंत्रियों के आवास से करीब 100 मीटर दूर पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रखा था।
दोपहर बाद जैसे ही करीब 17 अलग-अलग संगठनों से जुड़े किसान, नेता और कार्यकर्ता यहां पहुंचे तो उनमें से कुछ ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों से किसानों को खदेड़ा। दो बार किसानों पर आंसूगैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। करीब दो घंटे तक हंगामे के बाद भी किसान भूमणशाह चौक से नहीं हटे।
मंत्रियों के आवास तक पहुंच अपनी बात रखने की मांग पर अड़े किसानों ने रात को चौक पर ही धरना लगा दिया। उनके लिए वहीं सेवादारों ने लंगर की भी व्यवस्था की। किसानों का नेतृत्व कर रहे किसान मंच के नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि जिन्होंने बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया, वे किसान नहीं हैं। ये शरारती लोग हैं।
आंदोलन हरियाणा नहीं देश का: योगेंद्र यादव
सुबह 9 बजे से किसान सिरसा के सीडीएलयू के सामने स्थित दशहरा ग्राउंड में जुटने लगे। इसी मौके पर स्वराज इंडिया के संस्थापक योगेंद्र यादव ने कहा कि ये आंदोलन अकेले सिरसा, हरियाणा या पंजाब का नहीं, बल्कि पूरे देश का है।
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