शहर के आस्था कुंज भवन में चल रहे वृद्धाश्रम में एक वृद्धा को यहीं रह रही दूसरी महिला ने डंडे से पीटा। घटना कुछ माह पहले की है, मगर अब यह वीडियो वायरल होने से दबा मामला उजागर हो गया। इस पर संज्ञान लेते हुए महिला आयोग की सदस्य इंदु यादव रेवाड़ी पहुंची और वृद्धाश्रम के जिम्मेदार अधिकारियों और स्टाफ से पूछताछ की तो हैरान करने वाली बातें सामने आई। स्टाफ ने आयोग सदस्य को बताया कि उक्त महिला ने एक बार नहीं बल्कि कई बार बुजुर्गों से मारपीट की।
लेकिन खुद जिला समाज कल्याण अधिकारी (डीएसडब्ल्यूओ) रेनू बाला को इस मामले की जानकारी ही नहीं है। जबकि मारपीट का यह वीडियो खुद आश्रम के स्टाफ ने ही बनाया था। वीडियो वायरल भी तब हुआ है, जब जिस वृद्धा को पीटकर प्रताड़ित किया गया था, अब उसकी मौत भी हो चुकी है। पीटने वाली महिला भी आश्रम से लापता है। अब वो कहां है किसी को जानकारी नहीं। महिला आयोग सदस्य ने पूरे मामले में समाज कल्याण अधिकारी से रिपोर्ट तलब की है।
जानिए, क्या है पूरा मामला
जिले के ही गांव नंगली गोधा की रहने वाली वृद्धा छन्नो का कोई सहारा नहीं होने के चलते ग्राम सरपंच ने उसे देखभाल के लिए वृद्धाश्रम में दाखिल कराया था। यहां वृद्धा काफी समय तक रही। वृद्धाश्रम में इस समय भी 9 वृद्ध और 3 वृद्धा रही रही हैं। इसके अलावा एक और बेसहारा उम्रदराज महिला भी यहां रह रही थी। उस महिला पर आरोप हैं कि उसने डंडे से वृद्धा छन्नो की पिटाई की। मामला लॉकडाउन की शुरूआती समय का बताया जा रहा है। अब 3 माह पहले छन्नो की मृत्यु हो गई थी। पुलिस का कहना है कि मौत सामान्य थी, जिसका पोस्टमार्टम भी कराया गया था। मारपीट का वो वीडियो अब वायरल होने के बाद शोर मचा है।
डेढ़ माह पहले आश्रम भाग से गई, दो सप्ताह बाद दी रेप की शिकायत
स्टाफ का कहना है कि पिटाई की आरोपी महिला 8 सितंबर की रात को वृद्धाश्रम से कहीं भाग गई थी। आश्रम का चौकीदार किसी बुजुर्ग की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल में लेकर गया था, इसी का फायदा उठाकर आरोपी महिला वहां से कहीं चली गई। इस दौरान चोरी का मामला सामने आया था। उक्त महिला चोरी के केस के बाद ही आश्रम से गई थी। स्टाफ सदस्यों ने बताया कि दो सप्ताह बाद ही उस महिला ने वृद्धाश्रम के एक कर्मी पर दुष्कर्म के आरोप लगाते हुए महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मौके पर मौजूद डीएसपी हंसराज ने बताया कि दुष्कर्म के मामले में जांच की जा रही है। एसआई सर्वेष्ठा ने बताया कि महिला का बाकायदा मेडिकल और बयान भी कराए गए थे।
स्टाफ कर्मचारी बोले- डर था कहीं हम पर बात न आ जाए
स्टाफ सदस्यों ने महिला आयोग सदस्य इंदु यादव के सामने बताया कि उक्त महिला झगड़ालू प्रवृति की थी। ऐसा भी नहीं था कि वह मानसिक तौर से बीमार थी। स्टाफ से भी कई बार गाली गलौच करती थी। जिस दिन का यह वीडियो है उस दिन वह वृद्धा को डंडे से पीट रही थी तो उस समय कुक और सफाईकर्मी आ गई थी। वृद्धा को बचाने लगे तो महिला उनसे भी मारपीट पर उतारू हो गई। उसकी हरकत सबके सामने लाने के लिए वीडियो बनाई, मगर बाद मे कर्मचारी डर गए कि कहीं बात उन पर ही ना जा गए। इसलिए वहां के सीनियर कर्मचारी को बताया, जिसने महिला को डांटा भी।
सुरक्षा व्यवस्था फेल, स्टाफ गैरजिम्मेदार : इंदु यादव
आयोग सदस्य इंदु यादव ने पूरा मामला जानने के बाद लापरवाही को लेकर जमकर क्लास ली। उन्हें समाज कल्याण अधिकारी रेनू बाला से पूछा कि आपने घटना पर तुरंत एक्शन क्यों नहीं लिया तो रेनू बाला ने जानकारी नहीं होने की बात कही। ऑफिस पूछने बताया कि वो यहां से दूर मॉडल टाउन में है। इस पर इंदु यादव ने कहा कि फिर तो आश्रम आकर देखने में दिक्कत होती होगी। उन्होंने सवाल उठाए कि महिला मारपीट करती है और वीडियो है मगर अधिकारी को पता नहीं। इस मामले में यहां का स्टाफ भी गैरजिम्मेदार रहा। आरोपी महिला आश्रम से भाग जाती है, यानी सुरक्षा नहीं। अधिकारी एक्शन नहीं लेते, यानी गैरजिम्मेदारी। इंदु यादव ने कहा कि पूरी व्यवस्था लापरवाही भरी है। कार्रवाई की सिफारिश करते हुए सीएम को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी जाएगी। इंदु यादव ने डीएसपी हंसराज ने मामले में कार्रवाई के लिए कहा।
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