कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस- वे के सौंदर्यीकरण का कार्य सर्दी व कोहरे भरे मौसम से पहले ही पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसको लेकर तैयारी तेज कर दी है। हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कार्पोरेशन (एचएसआईआईडीसी) ने यह कार्य शुरू किया है। इसके जरिए सबसे पहले कोहरे में सुरक्षा को लेकर ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें एक्सप्रेस-वे की ग्रीन बेल्ट, टोल प्लाजा का सौंदर्यीकरण, टूटी रेलिंग, लाइट की व्यवस्था करने का कार्य किया जा रहा है।
सड़कों की मरम्मत के साथ सड़क को बेहतर भी बनाया जा रहा है। एक्सप्रेस- वे पर रात के समय होने वाले अंधेरे की समस्या को भी दूर किया जा रहा है। वैसे भी कुंडली से बहादुरगढ़ के बीच कुछ भाग को छोड़कर लाइटें जलने लगीं हैं। बहादुरगढ़ से गुरुग्राम की सीमा तक लाइटों की व्यवस्था की जा रही है। उम्मीद है कि एक माह में शुरू हो जाएगी। इसके साथ इसके आगे की लाइटों को भी ठीक कर बिजली से जोड़ा जा रहा है।
एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों का कहना है कि नवंबर तक एक्सप्रेस- वे का काया पलट कर दिया जाएगा। नवंबर तक पूरे एक्सप्रेस-वे पर लाइट लगाने के साथ ही सड़क को भी बेहतर कर दिया जाएगा। अभी सभी टोल प्लाजा के बीच बनने वाले गोल चक्कर के बीच पार्क तैयार किया जा रहा है और पौधे लगाए जा रहे हैं। एक्सप्रेस-वे के बीच की ग्रीन बेल्ट को भी विकसित करने का कार्य शुरू हो गया है। कई टीमें इसके लिए कार्य कर रहीं हैं। ग्रीन बेल्ट में घास की छंटाई के साथ खराब हो चुके पौधों को भी बदला जा रहा है।
कोहरे भरी सर्दी में नहीं रहेगा अंधेरा
एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों का दावा है कि इस बार सर्दियों में कोहरे के कारण होने वाले हादसों की संख्या न के बराबर रहेगी। क्योंकि एक्सप्रेस-वे पर अंधेरा नहीं रहेगा। पूरे एक्सप्रेस-वे पर लाइट लगाने के साथ ही इनको चालू भी कर दिया जाएगा। लाइट के किए कुंडली से ठीक करने का और चालू करने का कार्य किया जा रहा है। लगभग 40 किलोमीटर के हिस्से में अभी लाइटें जल रही हैं। आगे के भाग में लाइट जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही टूटी हुई रेलिंग को भी ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। कई जगह से रेलिग को तोड़कर एक्सप्रेस-वे जाने का रास्ता बनाया गया है। अब इन सबको बंदकर एक्सप्रेस-वे को दोबारा से ठीक किया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे की सड़कों की मरम्मत भी की जा रही है।
फिर से 40 हजार वाहनों के आंकड़े पर पहुंचा केएमपी
कोरोना के कारण जहां केएमपी पर वाहनों की संख्या 10 हजार से भी कम हो गई थी वहीं, अब कोरोना का डर कम होने के कारण एक बार फिर से केएमपी पर वाहनों की संख्या 40 हजार से पार होने को है। माना जा रहा कि एक साल में यह संख्या पचास हजार के करीब पहुंच जाएगी। पहले यह वाहन दिल्ली व बहादुरगढ़ अदि शहरों के बीच से होकर गुजरते थे। एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा से रोजाना 64 लाख रुपए एचएसआईआईडीसी को आ रहे हैं। पहले यह राशि 56 लाख रुपए प्रतिदिन थी। अब नए टेंडर में इसे बढ़ा दिया है। लाॅकडाउन के पहले एक्सप्रेस- वे पर रोजाना करीब 40 हजार वाहन गुजरते थे। अब फिर पटरी उसी संख्या तक पहुंच गई है। बीच में वाहनों की संख्या में कमी आई थी, लेकिन अब फिर संख्या बढ़ गई है।
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