जिला में संचालित आईवीएफ सेंटर में खामियां मिलने पर तीन सेंटरों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान तीन सेंटरों में अनियमितताएं मिली थी। इस पर सिविल सर्जन ऑफिस में आयोजित डिस्ट्रिक्ट एप्रोप्रिएट अथॉरिटी कमेटी की मीटिंग में फैसला लिया गया।
एक सेंटर को 10 दिन के लिए बंद किया गया है जबकि दो अन्य सेंटरों काे 7-7 दिन के लिए। इनमें एक शहर का स्पर्श यूरो गाइनी, दूसरा डबवाली का जस्सी अस्पताल और एक अन्य शामिल हैं। आईवीएफ सेंटर को सरकार और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन अनुसार काम करना होता है। सभी नियमों पर चलकर इलाज करना पड़ता है।
इसकी निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम मॉनीटरिंग का काम करती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिकायत मिलने और नियमित रूप से निरीक्षण किया तो शहर के दो और डबवाली स्थित एक अस्पताल में संचालित आईवीएफ सेंटर में खामियां मिली। नियमों की पालना नहीं हो रही थी। सोमवार को सिविल सर्जन ऑफिस में डीएए यानी डिस्ट्रिक्ट एप्रोप्रिएट अथॉरिटी कमेटी की मीटिंग का आयोजन किया गया।
इस मीटिंग में सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन, जिला न्यायवादी दीपक लेगा और डॉ. दर्शना सिंह ने भाग लिया। इस दौरान तीन सेंटरों पर निरीक्षण के दौरान खामियां सामने आने पर उन्हें बंद करने का फैसला लिया गया। सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि शहर के डबवाली रोड स्थित स्पर्श यूरो गाइनी एंड आईवीएफ सेंटर में खामियां मिली, इसलिए उसे 7 दिन के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा डबवाली स्थित जस्सी अस्पताल में संचालित आईवीएफ सेंटर को भी 7 दिन के लिए बंद किया गया है।
डीएए की मीटिंग में लिया है फैसला: सीएमओ
डीएए की मीटिंग का आयोजन किया गया था। इसमें कई मुद्दों पर विचार विमर्श के बाद फैसले लिए गए। मुख्य फैसले तीन आईवीएफ सेंटर को अस्थायी रूप से 10 और 7-7 दिन के लिए बंद करने संबंधी लिए गए। निरीक्षण के दाैरान इनमें खामियां मिली थी।' - डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ
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