पुलिस ने रतिया की गोशाला रोड पर फर्जी कंपनियां दिखाकर करोड़ों रुपए की जीएसटी घोटाला करने के आरोप में पंजाब के कस्बा सरदूलगढ़ के तीन व्यापारियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में पंजाब के मानसा जिला के सरदूलगढ़ के सरदूलेवाला निवासी देवी लाल, सरदूलगढ़ के वार्ड एक के सरकारी स्कूल रोड निवासी बिंदर व सरदूलगढ़ के ही काहनेवाला निवासी राजपाल सिंह का नाम शामिल है।
तीनों के खिलाफ फतेहाबाद के जीएसटी अधिकारी संजय खीचड़ की शिकायत पर तीन अलग-अलग केस दर्ज किए थे। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया। पुलिस ने केस बीती 9 जनवरी 2019 व 3 अप्रैल 2019 को दर्ज किए थे। खास बात है कि तीनों आरोपियों ने एक ही रोड पर तीन कंपनियां दिखाई थीं। जिस जगह कंपनियां दिखाई गई, वहां पर झुग्गी झाेपड़ियां थीं, उसके आसपास भी खाली प्लाॅट हैं।
तीनों कंपनियों ने 13 करोड़, 23 करोड़ और 18 करोड़ का दिखाया लेन-देन
- विभाग के अनुसार सरदूलगढ़ निवासी व्यापारी देवी लाल ने रतिया की नई गोशाला रोड पर सांई ट्रेडिंग कंपनी दिखा रखी थी। पिछले साल कंपनी से कुल 23 करोड़ 78 लाख, 96 हजार 208 रुपए का माल सेल हाेना दिखाया गया। जीएसटी के रूप में 1 करोड़ 18 लाख 94 हजार 811 रुपए का जीएसटी रिफंड लिया गया।
- दूसरे व्यापारी बिंदर ने उसी रोड पर हरिओम कॉटन टेड्रिंग कंपनी बना रखी थी, जिसमें काॅटन की खरीद-फरोख्त दिखाई गई। कंपनी में 13 करोड़ 1 लाख 13 हजार 933 रुपए की खरीद-फरोख्त दिखाकर 65 लाख 5 हजार 697 रुपए का जीएसटी रिफंड करवाया गया।
- तीसरे आरोपी ने राजपाल सिंह ने उसी रोड पर ओसवाल ट्रेडर्स के नाम से कंपनी दिखाई, जिसमें दिसबंर 2018 से दिसबंर 2019 तक एक साल में 20 करोड़ 30 लाख 86 हजार 776 रुपए की सेल-परचेज दिखाकर 196 बिल दिखाए ऐसे एक साल में 1 करोड़ 15 लाख 43 हजार 339 रुपए का जीएसटी दिखाया गया। जांच पड़ताल में ये बात भी सामने आई कि तीनों कंपनियों के व्यापारियों ने ज्यादातर एक दूसरे को ही माल का लेनदेन दिखाया गया है। इसके अलावा पंजाब, राजस्थान में भी सेल दिखाई। जीएसटी अधिकारी संजय खीचड़ ने देवी लाल व बिंदर के खिलाफ 9 जनवरी और राजपाल के खिलाफ 3 अप्रैल 2019 को धोखाधड़ी व साजिश के आरोप में केस दर्ज करवाया था।
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