बारिश के सीजन में बाजारों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए बनाए जा रहे नालाें की राह नप की सुस्ती व अतिक्रमण ने अवरूद्ध कर दी है। बारिश का यह पानी इन नालों के जरिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाना था, लेकिन पूरे 8 माह बीतने के बाद काम आधे से ज्यादा पेंडिंग है।
योजना के अनुसार इन नालों का निर्माण 6 माह में पूरा होना था लेकिन जून में लॉकडाउन समाप्त होने के बाद नगर परिषद इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं करा पाई है।
शहर में मानसून के दौरान हर वर्ष बड़ी मात्रा में जलभराव की स्थिति बन जाती है। हालात यह हो जाते हैं वर्षों पुरानी डाली गई सीवर लाइन की निकासी क्षमता कम होने और उसके अवरूद्ध हो जाने के कारण कुछ समय की बारिश में ही पूरे बाजार में एक फीट से भी अधिक पानी जमा हो जाता है।
कई बार लगातार बारिश की वजह से तो स्थिति और भी बदत्तर हो जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद की तरफ से शहर के भाड़ावास गेट रोड, पुरानी सब्जी मंडी व मोती चौक सहित अन्य क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए जनवरी में नालों का निर्माण शुरू किया गया है। नालों के जरिए बाजार का यह बरसाती पानी रेलवे कॉलोनी से गुजर रही ड्रेनेज में डालना था लेकिन अभी तक यह कार्य अधूरा ही है।
मार्च में हुआ था काम बंद, कभी अतिक्रमण तो कभी ठेकेदार ने रोकी रफ्तार
जनवरी में प्रारंभ किया गया यह कार्य लगभग 6 माह में पूरा होना लेकिन मार्च में लॉकडाउन की वजह से यह काम बीच में ही बंद हो गया था। जून माह में लॉकडाउन समाप्त होने के बाद नप अधिकारियों ने ठेकेदार को काम भी शुरू करने का निर्देश दिया था।
इसी बीच कई स्थानों पर अतिक्रमण की वजह से यह काम फिर बंद हो गया। तत्पश्चात अब ठेकेदार की तरफ से फिर इसी बाधा को आधार बनाकर काम प्रारंभ नहीं किया जा रहा है। चूंकि अब बाजार भी खुले चुके हैं और वैवाहिक सीजन होने की वजह से दिन में यहां पर किसी भी सूरत में काम कर पाना संभव भी नहीं है।
भाड़ावास गेट रोड के दुकानदार महेश सोनी, दिनेश राव, बिट्टू शर्मा ने बताया कि इन नालों का निर्माण पूरा नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है।
गंदगी डालने के काम आ रहे नाले
नालों का आधा-अधूरा निर्माण होने की वजह से कुछ समय पहले इनमें जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवर का ही पानी छोड़ दिया था। अब वह स्थिति समाप्त होने के बाद लोगों ने इनमें गंदगी डालना शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर इनमें पानी भी छोड़ दिया गया है। इसकी वजह से इनका दोबारा काम शुरू होने की स्थिति में इनकी सफाई भी करनी होगी।
काम पूरा होने के बाद ये फायदा होगा
फुटपाथ का काम करेंगे, अतिक्रमण भी नहीं होगा
बाजारों में इन नालों का निर्माण होने के बाद यह फुटपाथ का भी करेंगे, जिससे सबसे बड़ा समाधान यह हो जाएगा कि इनसे आगे अतिक्रमण कर पाना संभव नहीं है। अब अधिकांश दुकानदारों ने अपनी दुकानों के एक से दो फीट तक अतिक्रमण किया हुआ है। नालों के बनने के बाद यह न केवल फुटपाथ के रूप में काम आएंगे अपितु अतिक्रमण को भी बढ़ने से रोकने का काम करेंगे।
दिक्कतों को दूर कर जल्द शुरू कराएंगे काम : महेंद्र सिंह
नालों के निर्माण में अतिक्रमण सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है, जिसकी वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इसके संबंध में जल्द ही उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श करके दिक्कतों को दूर करके काम शुरू करा दिया जाएगा।
-महेंद्र सिंह, एक्सईएन, नगर परिषद।
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