सरकार की नीतियों से कर्मचारियों में रोष है। ट्रेड यूनियनें अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करती आ रही हैं। बावजूद इसके सरकार उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही। सरकार के रवैये से खफा सर्व कर्मचारी संघ ने 26 नवंबर को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हिस्सा लेने का फैसला लिया है। जिसको लेकर मंगलवार को रेलवे रोड स्थित पब्लिक हेल्थ परिसर में सर्व कर्मचारी संघ घरौंडा की बैठक हुई।
जिसकी अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान अंकित राणा ने की। मंगलवार को हुई इस बैठक में कर्मचारियों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। बैठक में एसकेएस के पूर्व जिला प्रधान वाईपी यादव व राज्य प्रतिनिधि बिजली बोर्ड यूनियन से सुरेश रसीन ने कहा कि सरकार की नीतियां, जन विरोधी, किसान विरोधी व कर्मचारी विरोधी हैं।
सरकार न तो कच्चे कर्मचारियों को पक्का कर रही है और न ही पंजाब के समान कर्मचारियों को वेतन दे रही है। जितने भी सरकार और यूनियनों के बीच समझौते हुए हैं उनको आज तक लागू ही नहीं किया गया। सरकार कर्मचारियों का शोषण कर रही है। वहीं ब्लॉक प्रधान अंकित राणा ने कहा कि सरकार सरकारी विभागों को निजी हाथों में सौंपने का काम कर रही है। वहीं ठेका प्रथा में भी कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। ठेका प्रथा को बंद कर कर्मचारियों को सीधा विभागों में पे-रोल पर रखा जाए।
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