उपमंडल के गांव चोरकारसा में मंगलवार को भूमि परीक्षण प्रयोगशाला असंध द्वारा किसानों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड स्कीम के अंतर्गत एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें भूमि परीक्षण अधिकारी डॉ. सुरेंद्र टामक ने किसानों को मिट्टी जांच करवाने के प्रति जागरूक किया और नमूना एकत्रित करने का सही तरीका बताया।
उन्होंने किसानों को विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि मिट्टी जांच के बाद जो सॉयल हेल्थ कार्ड किसानों को दिया जाएगा, उसके अनुसार अपने खेत में कौन सी फसल में, कितनी मात्रा में किस खाद का प्रयोग करना है, जिससे किसान अपना खर्च बचा सकें तथा भूमि को कोई नुकसान ना हो और किसान भी आर्थिक हानि से बच सके। इस मौके पर खंड कृषि अधिकारी डाॅ. राधेश्याम, कृषि विकास अधिकारी डॉ. श्याम सिंह ने फसल कटाई के बाद पराली न जलाने के बारे में किसानों को जागरूक किया और बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है।
पराली प्रबंधन से कर सकते हैं अतिरिक्त आमदनी
राजकीय कन्या महाविद्यालय पाढा करनाल के एनएसएस यूनिट एवं स्टाफ ने ग्राम पाढ़ा में जाकर किसानों को पराली न जलाने के लिए और इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। पराली जलाने से पर्यावरण व स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान पर भी किसानों से चर्चा की गई। एनएसएस अधिकारी प्रो. दीपिका ने पराली के प्रबंधन के तहत प्रयोग में आने वाली मशीनों और सरकार द्वारा विभिन्न स्कीमों से भी अवगत करवाया। पराली से खाद तथा पराली से गत्ता बनाने की विधि की भी चर्चा की, जिससे किसानों की आमदनी भी बढ़ सकती है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/34TRcEq