सोनीपत के बरोदा पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली दोनों पीड़ितों को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पीजीआई में मेडिकल ट्रीटमेंट दिए जाने के आदेश दिए हैं।
जस्टिस अर्चना पुरी ने फैसले में कहा कि करनाल सेंट्रल जेल के सुपरिंटेंडेंट और करनाल ऑब्जर्वेशन होम के इंचार्ज सोनीपत डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी के सेक्रेटरी के साथ सहयोग कर दोनों पीड़ितों को चंडीगढ़ पीजीआई में मेडिकल ट्रीटमेंट दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। हाईकोर्ट ने साथ ही कोविड-19 के चलते जारी दिशानिर्देशों के मुताबिक पीड़ितों को याची और उनके परिजनों से मिलने दिए जाने के भी निर्देश दिए।
पीड़ित लड़की की मां की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उनकी बेटी और भतीजी के साथ थाने में पुलिस कर्मियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उन पर 30 जून 2020 को आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया।
याचिका में कहा कि पुलिस ने झूठी कहानी गढ़ते हुए दोनों लड़कियों पर दो पुलिसकर्मियों की हत्या का केस दर्ज किया। उन्हें तत्काल मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत है। इस संबंध में अलग-अलग अथॉरिटीयों को रिप्रेजेंटेशन भी दी गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। ऐसे में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मेडिकल ट्रीटमेंट दिए जाने की मांग की गई।
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