प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 306 किमी लंबे न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएम वर्चुअल रूप से न्यू अटेली से न्यू किशनगढ़ के लिए देश के पहले डबल स्टैक लांग हॉल कंटेनर ट्रेन आपरेशंस (1.5 किलोमीटर लंबी कंटेनर ट्रेन) को भी 7 जनवरी को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। आमतौर पर मालगाड़ी 75 किमी प्रति घंटा की गति से चलती है, मगर इस रूट पर ट्रेन 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी।
बता दें कि इस वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण कार्य का शुभारंभ वर्ष 2014 में यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुआ था। अब यह पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया हैं। मालगाड़ियों के लिए अलग से कॉरिडोर बनने से बंदरगाहों से आसानी से माल देश के विभिन्न स्थानों पर सुगमता से कम खर्च में पहुंच सकेगा।
न्यू अटेली स्टेशन से अजमेर के न्यू किशनगंज के 306 किमी लंबे कॉरिडोर के बीच 9 स्टेशन लगते हैं। इनमें न्यू अटेली के बाद न्यू डाबला, न्यू भगेगा, न्यू श्रीमाधोपुर, पचार, मलिकपुर, फुलेरा आते हैं। इन स्टेशन को अत्याधुनिक व ऑटोमेटिक सिग्नल से तैयार किया गया हैं। इन स्टेशनों पर कार्यरत कर्मियों के लिए नये भवन के साथ दूसरी सुविधाएं दी गई हैं। इन स्टेशनों के बीच में बिजली के पावर हाउस भी तैयार किये गये हैं।
जानिए खासियत... 12 हजार हाॅर्स पावर का इंजन करीब 90 बोगियों को खींचेगा
1. इस ऑपरेशन में 25 टन का बढ़ा हुआ एक्सल लोड होगा।
2. यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशनवैगन विभाग द्वारा डिजाइन किया है।
3. डब्ल्यूडीएफसी पर एक लंबी दौड़ वाले डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन पर ये वैगन भारतीय रेलवे के वर्तमान यातायात की तुलना में कंटेनर इकाइयों के संदर्भ में चार गुना तक ले जा सकेगा।
4. डीएफसीसीआईएल भारतीय रेल की पटरियों पर 75 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति के मुकाबले 100 किमी/प्रति घंटे की अधिकतम गति से मालगाड़ियां चलाएगा।
5. डेढ़ किलोमीटर लंबी गुड्स ट्रेन में करीब 90 बोगियों को खींचने वाला इंजन 12 हजार हाॅर्स पावर का है।
अटेली स्टेशन को भव्य तरीके से सजाया गया
डीएफसीसी के ग्रुप जनरल मैनेजर एमएस हाशमी ने बताया कि इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक मालगाड़ी 100 किमी प्रति घंटा से चलेगी। अटेली न्यू स्टेशन पर 6 कॉरिडोर के लिए रेललाइन तैयार की गई है। अटेली रेलवे स्टेशन से न्यू अटेली स्टेशन रेवाड़ी की तरफ 4 किमी. की दूरी पर बनाया है। इसे भव्य तरीके से सजाया है।
इस कॉरिडोर व स्टेशन निर्माण का काम एलएंडटी कंपनी ने किया है। न्यू अटेली स्टेशन पर 6 रेललाइन है। इस कॉरिडोर के चलने से काठूवास में स्थापित कॉनकोर डिपो में सीधे मालगाड़ियां जा सकेंगी। इस रूट के चलने अटेली क्षेत्र में औद्योगिक विकास में तेजी आएगी।
इस रूट पर 15 अगस्त 2018 को ट्रायल हो चुका हैं। इस रूट का रेल फाटक रहित किया गया हैं। सभी रेल फाटकों पर अंडरपास के अलावा आरओबी बनाये हैं। न्यू अटेली से किशनगंज के बीच 23 आरओबी हैं।
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