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Wednesday, 25 September 2019

पकवान-सा पक रहा है घोषणा पत्र, कभी भी आ सकता है सामने

पानीपत.वोटरों को कैसे लुभाएं, इसके लिए हर बार मिष्ठान के जैसा घोषणा पत्र सभी दल बनाती हैं। लेकिन चुनाव के बाद घोषणाएं धुआं हो जाती हैं। तब यह मिठाई कड़वी हो जाती है। इस बार फिर से सभी पार्टियां घोषणा पत्र रूपी मिष्ठान को पकाने में लगी हुई हैं, ताकि आपके सामने परोसा जा सके। कोई पार्टी बार-बार मीटिंग कर इस धीमी आंच पर सेकना चाहती है, तो किसी का लगभग तैयार है। उस पर मावा आदि लगाकर सजाने का काम चल रहा है। त्योहार का सीजन है और अब एक के बाद एक पार्टियों का घोषणा पत्र जारी होने लगेगा। देखना केवल यह है कि किस में कितनी शुद्धता मिलती है और किस में कितनी मिलावट।

भाजपा: सहज पके सो मीठा

भाजपा ने काफी समय पहले घोषणा पत्र तैयार करने के लिए कमेटी बना दी थी। जिम्मेदारी ओपी धनखड़ के पास थी। कमेटी की कई मीटिंग हो चुकी हैं और लगभग घोषणा भी तैयार है। करीब 100 मुद्दे रखे हैं, लेकिन इसे अभी सीएम के पास जांचने के लिए भेजा गया है। वे इसमें कुछ छंटनी करेंगे। मतलब भाजपा सहज पके सो मीठा होए की रणनीति पर घोषणा पत्र तैयार कर रही है।

कांग्रेस: मुंह जलने का डर

किरण चौधरी मेनिफेस्टो कमेटी की अध्यक्ष हैं। पर एक माह पहले ही पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा चार डिप्टी सीएम बनाने, बुजुर्ग पेंशन 5 हजार करने, किसानों के ऋण माफ करने, ओपीएस लागू करने, बेरोजगार भत्ता 7 व 10 हजार करने, ग्रुप डी में लगे बीए, एमए को ग्रुप सी में प्रोमोट करने जैसी घोषणाएं कर चुके हैं। अब मेनिफेस्टो कमेटी 27 को मीटिंग कर विचार करेगी किस-किस घोषणा को शामिल करें।

जजपा: चखा तो दी परोसनी बाकी

जजपा रोहतक रैली में कई घोषणाएं कर चुकी है, लेकिन पार्टी का कहना है कि अभी तो केवल मिठाई चखाई है पूरी तरह परोसना तो बाकी है। मतलब अभी घोषणा पत्र जारी होगा। पार्टी बुजुर्ग पेंशन 5100 रुपए करने, गांव में आरओ लगाने, प्राइवेट नौकरियों में भी 75 फीसदी कोटा तय करने, हर घर में एक नौकरी देने, फसलों को एमएसपी पर खरीदने जैसी घोषणाएं कर चुकी है।

इनेलो: शोरूम सजा, खुलना शेष

इनेलो की बुधवार की रैली में ओपी चौटाला ने मंच से कहा कि एक बार सरकार आ गई तो ऐसा काम कर देंगे की फिर बदल भी गई तो कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ऋण माफ नहीं करेंगे बल्कि ऐसा काम करेंगे कि ऋण लेने की जगह ऋण देने लगो। मतलब इनेलो जलेबी की जगह कोई अच्छा मिष्ठान बना तो रही है लेकिन अभी गोल-गोल है, स्पष्ट तभी होगा जब घोषणा पत्र जारी होगा।



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menifesto of parties in Haryana assembly elections


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