हिसार.इंडियन आर्मी अपनी शक्ति और युद्ध की क्षमताओं को लगातार बढ़ाने की दिशा में काम रही है। इसमें खास है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एआई तकनीक का इस्तेमाल शुरू हो चुका है। जिससे मानव रहित टैंक, हवाई यान और अधिक से अधिक क्षमताओं वाले रोबोटिक हथियारों से लैस भारतीय सेना में हाेगी। इसके प्रयोग से सेना अपने ऑपरेशन को बेहतर तरीके से कर सकेगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से कम समय में डेटा विश्लेषण, मॉडलिंग और सिमुलेशन के क्षेत्र में सूक्ष्म और दीर्घ स्तर पर सटीक ऑपरेशन संचालित करने में मददगार साबित होगी। इन तकनीकों का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में किया जा सकेगा। साथ ही दुश्मन देश को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकेगा। दरअसल, ‘सप्त शक्ति’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेमिनार–2019 का आयोजन बुधवार को हिसार सैन्य स्टेशन में किया गया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हुए विद्यटनकारी प्राैद्याेगिकी के बारे में चर्चा और अध्ययन करना रहा। इस माैके सेमिनार में लेफ्टिनेंट जनरल अलोक क्लेर, नीति आयोग प्रोग्राम डायरेक्टर मुदित नारायण, डाॅ. दिप्ती, प्रो. भट्टाचार्य व अन्य उपस्थित रहे।
सेमिनार में बताया कि भारतीय सेना 2 से 3 साल के भीतर ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को पूरी तरह अपना लेगा। जिससे डेटा विश्लेषण, समस्याओं के मॉडलिंग और अनुकरण में समय सीमा को काफी कम कर देगा, साथ ही माइक्रो और मैक्रो स्तर पर तार निर्मित समाधान विकसित करेंगे, रोबोट और मार्गदर्शक की निगरानी और लूप में ऑपरेटर द्वारा सहायता की जा रही है। सटीक ऑपरेशन के साथ इस आयोजन में भारतीय सेना के नीति निर्माताओं टेक्नोक्रेट्स, प्रमुख विशेषज्ञों को एक सामाजिक मंच पर लाया गया। इस आयोजन का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हुई उन्नति पर चर्चा और अध्ययन करना रहा। इस आयोजन की मदद से नीति निर्माताओं, टेक्नोक्रेट के प्रमुख टैंकों को एक साथ मिलाने में मदद मिली। भारत अपनी तीनों सेनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से खुद को और मजबूत कर रहा है।
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