कॉलेज प्रधान डॉ. एसएन गुप्ता ने कहा कि एनएसएस यूनिट के जोश, विचार और प्रयासों को देखकर उन्हें फक्र का अहसास हुआ है। एनएसएस एक कल्याणकारी सोच है। जिसके माध्यम से हम कितने ही सामाजिक कार्य कर सकते हैं। प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि 1969 से शुरू कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एनएसएस विभाग ने नित नए आयाम छुए हैं। राष्ट्र और समाज सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं हैं। ऐसा करने से न सिर्फ हमें आत्मिक सुख का अनुभव होता है, बल्कि इससे हमारा व्यक्तित्व भी मजबूत और दृढ़ होता है। सकारात्मक सोच पैदा होने से हमें जीवन में इसका लाभ मिलता है। एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. राकेश गर्ग ने कहा कि प्रत्येक वर्ष हर एनएसएस कार्यकर्ता को सिखाया जाता है कि उन्हें आगे जाकर समाज और देश की देखभाल करनी हैं। देश में अशिक्षित लड़कियां होने का मतलब है कि देश की 40 प्रतिशत आबादी का अशिक्षित होना।
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