महाप्रबंधक नरेश तंवर ने कहा कि सहकारिता के बिना मनुष्य जीवन अधूरा है। उन्होंने बैंकों के माध्यम से युवाओं स्वरोजगार की अनेकों योजनाओं से अवगत कराया तथा सहकारिता को आर्थिक सामाजिक विकास का स्तंभ बताया। मुख्यअतिथि सुनीता ढाका ने युवाओं को सहकारी समितियां बनाकर सहकारी आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से सहकारी संस्थाओं व सहकारी समिति तथा सहकारी बैंकों की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। नाबार्ड के उपमहाप्रबंधक सोहनलाल ने युवाओं को सहकारी क्षेत्र में उद्योग लगाकर वित्तीय सहायता सहकारी बैंक से प्राप्त करके कार्य करने के लिए कहा। ईश्वर सिंह ने हरको फैड के बारे में गतिविधियों और योजनाओं पर प्रकाश डाला तथा प्रतियोगिता की शर्तें पढ़ कर सुनाई। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में जेपी शर्मा, वीएम बेचैन व पुरुषोत्तम पुष्प ने निभाई। प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार रीतिक, द्वितीय पुरस्कार दीक्षा शर्मा व तृतीय पुरस्कार सोनाक्षी शर्मा राजकीय महाविद्यालय भिवानी ने तथा सांत्वना पुरस्कार कुमुदी आदर्श महिला महाविद्यालय व मानसी राजकीय महिला महाविद्यालय बवानीखेड़ा ने प्राप्त किया। इस दौरान डाॅ. एबी शर्मा, डाॅ. रणधीर सिंह ने विशेष योगदान दिया। प्राचार्य डाॅ. दिनेश गाबा ने सहकारिता को मानवता के लिए आवश्यक बताया। इस अवसर पर डॉ. जगबीर मान सहित अनेक शिक्षक, गणमान्य नागरिक व विद्यार्थी मौजूद थे।
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