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Sunday, 19 January 2020

आरोप: ऑडिट में 10 हजार कर्मियों से 8 करोड़ से अधिक का फर्जीवाड़ा मिला

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े में विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध ने विभाग ने थाना मुजेसर में एक कंपनी के खिलाफ शिकायत दी है।

विभाग ने पुलिस से कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।

इस संबंध में पुलिस का कहना है कि इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही मामले की तह तक पहुंच कर घोटाले का खुलासा किया जाएगा। जानकारी के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय कार्यालय फरीदाबाद में करोड़ों रुपए के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।

विभाग की विशेष ऑडिट में खुलासा हुआ कि कई ठेकेदारों ने मिलकर अपनी एजेंसी बनाकर करीब 10 हजार कर्मचारियों को करोड़ों रुपए की चपत लगाई है। यह फर्जीवाड़ा साल 2011 से 2016 के बीच हुआ है।

ईपीएफओ ने एक कंपनी के खिलाफ पुलिस में दी शिकायत

ऑडिट से पता चला कि ऐसे किया है फर्जीवाड़ा

सूत्रों के अनुसार निजी कंपनियों में कर्मचारियों को लगवाने वाले ठेकेदारों ने मैन पावर उपलब्ध करवाने के लिए एक एजेंसी के तौर पर खुद का पंजीकरण करवा लिया। इस तरह कर्मचारियों के पीएफ भुगतान में फर्म से प्रमाणित करवाना होता है। ठेकेदारों ने मजदूरों को तो अलग-अलग कंपनी में लगाया और उनका रजिस्ट्रेशन करवाकर पीएफ नंबर ले लिया। इसके बाद पीएफ क्लेम कर अलग-अलग खाते नंबर डालते रहे। उन अकाउंट में भुगतान भी पीएफ कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारी करते रहे। इस तरह से ठेकेदारों ने करीब 10 हजार कर्मचारियों को करोड़ों रुपए की चपत लगाई है। सूत्रों के अनुसार यह फर्जीवाड़ा 8 करोड़ से भी अधिक का है।

ऑडिट टीम ने पकड़े 150 फर्जी खाते

इस फर्जीवाड़े की जांच के दायरे में करीब 10 हजार कर्मचारियों के खातों में हुए पीएफ का भुगतान है। विभाग ने यह खाते चिन्हित कर एक कमेटी बना दी है, जो इस पूरे फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार विभाग की विशेष ऑडिट टीम ने करीब डेढ़ सौ पीएफ खातों में फर्जीवाड़ा पाया है। इसके खिलाफ शिकायत दी जा रही है और एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में की थी शिकायत

अाधिकारिक सूत्र ने बताया कि वर्ष 2019 में कुछ कर्मचारियों ने अपने पीएफ (भविष्य निधि) में गड़बड़ी की शिकायत श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में की थी। इन शिकायतों को निगरानी समिति के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (सीबीटी) की ओर से जांच के आदेश दिए गए। जांच में एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।

स्पेशल ऑडिट जांच में गड़बड़ी सामने आई है

ईपीएफओ की ओर पिछले दिनों कराई गई स्पेशल ऑडिट जांच में गड़बड़ी सामने आई है। कई ठेकेदारों ने अपनी प्लेसमेंट एजेंसी बना कर यह गड़बड़ी की। गड़बड़ी सामने आने के बाद पुलिस को शिकायत दी गई है। उनसे इस मामले में आरोपी कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है। -भूपेंद्र सिंह, आयुक्त, ईपीएफओ, क्षेत्रीय कार्यालय फरीदाबाद।



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