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Monday, 20 January 2020

बच्ची से गलत हरकत पर स्कूल वैन चालक को 20 साल कैद; जज ने पुचकार कर जानी सारी बात, मुकर गए थे गवाह

अम्बाला (पवन पासी).6 साल की बच्ची के साथ गलत हरकत करने के डेढ़ साल पुराने मामले में स्कूल वैन चालक को दो धाराओं में दोषी ठहराया गया है। अम्बाला के एडिशनल सेशन जज रजनीश बंसल के कोर्ट ने सोमवार को ही दोषी सतीश को 20-20 साल की सजा भी सुना दी। दोनों सजाएं साथ चलेंगी। आरोपी अगस्त 2018 से जेल में है। सतीश ने आंख में कैंसर होने व परिवार में कोई कमाने वाला न होने की दुहाई देकर रहम की अपील की थी।

पॉक्सो एक्ट की धारा 6 (स्पेशल प्रोविजन) व आईपीसी की धारा 376-एबी (12 वर्ष से कम आयु की लड़की का शारीरिक शोषण) में अधिकतम फांसी या उम्रकैद का प्रावधान है। इस घटना से 3 दिन पहले ही सरकार ने पॉक्सो एक्ट में संशोधन कर न्यूनतम सजा 10 साल से बढ़ाकर 20 साल की थी। इस केस में सुनवाई के दौरान खास बात यह रही कि बच्ची की मां अपनी शिकायत से मुकर गई थी। उसने लोअर कोर्ट और फिर हाईकोर्ट में बयान दिए थे कि गलती से बयान दिए गए कि ऐसा कोई वाकया नहीं हुआ।

स्कूल की प्रिंसिपल व स्कूल वैन की इंचार्ज टीचर ने भी आरोपी के फेवर में बयान दिए थे। हालांकि, कोर्ट ने प्रिंसिपल व टीचर के बयान को माना नहीं था। जब सारे गवाह मुकरते दिखे तो जज ने बच्ची को पास बैठाकर पुचकारा और बयान लिए। बच्ची ने वो सारी बात बता दी थी, जो उसके साथ घटी थी। बच्ची ने बताया था कि अंकल ने वैन में गंदी हरकत की। केस की सुनवाई के दौरान ही जज यशविंद्रपाल सिंह का तबादला हो गया था, उसके बाद रजनीश बंसल ने सुनवाई और फैसला किया। सरकारी वकील जंगबहादुर के मुताबिक बच्ची के बयान को ही कोर्ट ने फैसले का आधार बनाया है।

बच्ची की मां ने दर्ज कराया था केस

16 अगस्त 2018 को बच्ची की मां ने महिला थाने में शिकायत दी थी। मां ने बताया था कि 14 अगस्त को वैन चालक ने स्कूल से घर छोड़ते वक्त अकेली बच्ची के साथ गंदी हरकत की थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रिंसिपल ने वैन में 5 बच्चियां होने व पीड़ित बच्ची को पहले घर उतार देने की बात कही थी। वैन इंचार्ज टीचर ने भी खुद वैन में होने की बात कही थी।

चालक ने बुजुर्ग मां और छोटे बच्चे के नाम पर मांगा रहम
वैन चालक को जब जेल भेजा गया था तब उसकी आंख में कैंसर उतर आया था, जिसका उपचार चल रहा था। बाद में एक आंख पीजीआई चंडीगढ़ में निकालनी पड़ी। फैसले के वक्त दोषी ने दूसरी आंख की रोशनी कम होने, घर में बुजुर्ग मां, पत्नी व 7 साल के बेटे की जिम्मेदारी का हवाला देकर रहम मांगा था। बचाव पक्ष इस मामले में हाईकोर्ट जाएगा।



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फाइल फोटो


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