राजधानी हरियाणा (मनोज कुमार).प्रदेश में क्राइम इनवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। गृहमंत्री अनिल विज लगातार बिजनेस ऑफ रूल्स का हवाला देकर सीआईडी को गृह विभाग के अधीन बता रहे हैं, लेकिन सीआईडी चीफ की ओर से उन्हें डेली ब्रिफिंग नहीं की जा रही है।
अब इसे अनुशासहीनता मानते हुए विज ने सीआईडी चीफ व एडीजीपी अनिल राव को चार्जशीट करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस संबंध में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) विजय वर्धन को दिए लिखित आदेशों में कहा है कि सीआईडी चीफ उन्हें इंटेलीजेंस की डेली ब्रीफिंग नहीं दे रहे हैं। इनपुट न मिलने के कारण कभी कोई अशांति होती है तो उससे कैसे निपटा जा सकेगा। उन्होंने राव को सीआईडी चीफ के पद से हटाकर एडीजीपी श्रीकांत जाधव को लगाने को कहा है। श्रीकांत जाधव पुलिस हेडक्वार्टर में एडीजी, मॉडर्नाइजेशन एंड वेलफेयर के पद पर हैं।
हेलिकॉप्टर से अलग-अलग समय दिल्ली रवाना हुए सीएम व विज
सोमवार को विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद सीएम मनोहर लाल व गृहमंत्री अनिल विज भाजपा अध्यक्ष बनाए जाने पर जेपी नड्डा को बधाई देने दिल्ली पहुंचे। खास बात यह रही कि दोनों हेलिकॉप्टर में चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए अलग-अलग समय रवाना हुए। पहले सीएम ने उड़ान भरी। इसके बाद हेलिकॉप्टर चंडीगढ़ से अनिल विज को लेकर दिल्ली पहुंचा। माना जा रहा है कि सीआईडी पर अिधकार का मामला दिल्ली में हाईकमान ही सुलझाएगा। बताया जा रहा है कि सीएम व गृहमंत्री अनिल विज दिल्ली से मंगलवार को आएंगे। ऐसे में हाईकमान से इस मसले पर बातचीत हो सकती है।
सीआईडी चीफ के रिपोर्ट न देने व विज की मंजूरी के बिना आईपीएस के ट्रांसफर से पनपा विवाद
- विज ने 11 दिसंबर को सीआईडी चीफ से चुनाव संबंधी रिपोर्ट मांगी। 25 दिसंबर को रिमाइंडर भेजा। इसके बावजूद भी रिपोर्ट नहीं दी गई तो 31 दिसंबर को स्पष्टीकरण मांगा। शाम को सीआईडी चीफ ने सीलबंद लिफाफे में कुछ रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट देखने के बाद विज ने दोबारा लिखा कि यह वो रिपोर्ट नहीं है, जो मांगी गई थी।
- विज ने सीआईडी चीफ को 3 दिन में स्पष्टीकरण देने काे कहा था, जो 20 दिन का वक्त गुजरने पर भी अब तक नहीं भेजा है।
- 28 दिसंबर को सीएम के आदेश बता तत्कालीन एसीएस होम ने 9 आईपीएस अफसरों के तबादले की लिस्ट विज की असहमति के बावजूद जारी कर दी। विज की आपत्ति के बाद भी लिस्ट वापस नहीं हुई।
- अब सीआईडी को गृह विभाग से अलग करने की तैयारी चल रही है।
- विज के स्वास्थ्य विभाग में 447 डॉक्टरों की भर्ती भी सीएमओ ने रोक दी।
सीएम और गृहमंत्री के विरोधाभासी बयान
विज सीआईडी की कार्यप्रणाली को फिसड्डी बता इसमें सुधार के लिए 3 सदस्यीय कमेटी गठित कर चुके हैं।
विज दावा करते रहे हैं कि सीआईडी गृह विभाग का हिस्सा है और यह उन्हीं के पास है। वहीं, सीएम ने कहा था कि पहले सीआईडी मुख्यमंत्री के पास ही रहा है। कुछ टेक्निकल इश्यू है, जिसे ठीक कर लिया जाएगा।
कोई खींचतान नहीं है
सीएम मनोहरलाल खट्टर ने कहा-सीआईडी को लेकर कोई खींचतान नहीं है। टेक्निकल बात है। उसे मिल- बैठकर सुलझा लेंगे।
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