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Saturday, 18 January 2020

झूठा है प्रशासन, एनजीटी का प्रतिबंध हटे 34 दिन हो गए पर न पशु पकड़े और न बनाई सड़क, 21 से फिर भूख हड़ताल

क्षतिग्रस्त सरकुलर रोड का निर्माण, सीवर व बेसहारा पशुओं की समस्या का समाधान न करवाने पर शनिवार को लोगों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि 21 जनवरी को संगठनों के कार्यकर्ता समस्या के समाधान की मांग को लेकर धरना व भूख हड़ताल शुरू करेंगे। एनजीटी के निर्माण कार्यों व खनन पर लगे प्रतिबंध को हटे 34 दिन हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन रोड निर्माण का कार्य शुरू नहीं करवा पाया है।

लोगों को संबोधित करते हुए लेबर क्रांति मोर्चा के अध्यक्ष राजेन्द्र तंवर व माकपा के जिला सचिव कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि जिला प्रशासन झूठा है। प्रशासन को रोड निर्माण करवाने, शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्ति दिलाने आदि मांगों से कई बार ज्ञापन व भूख हड़ताल देकर अवगत करवाया गया है, लेकिन आश्वासन के बावजूद एनजीटी के आदेश हटने पर भी रोड निर्माण शुरू नहीं कराया गया है।

गुस्सा रोहतक गेट से देवसर चुंगी तक टूटी सड़क, शहर में घूमते बेसहारा पशुओं और ब्लॉक सीवर सिस्टम से तंग होकर फूंका पुतला

नवंबर में भी की थी हड़ताल

15 नवंबर 2019 को दोनों संगठनों ने रोड निर्माण, रोड पर ग्रिल लगवाने, फुटपाथ बनवाने, बेसहारा पशुओं का प्रबंध करने, बरसाती पानी की सफाई करवाने की मांग को लेकर पांच दिन तक धरना व भूख हड़ताल की। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर लिखित में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था लेकिन एनजीटी के आदेश खत्म हुए 34 दिन हो गए हैं, लेकिन रोड निर्माण का कार्य शुरू नहीं करवाया गया है। बेसहारा पशु अब भी शहर में दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगठनों के कार्यकर्ता शनिवार से दादरी गेट क्षेत्र में मांगों काे लेकर भूख हड़ताल पर बैठने वाले थे लेकिन रात को संगठन के एक कार्यकर्ता की सड़क दुर्घटना में मौत होने से धरना व भूख हड़ताल को 20 जनवरी तक स्थगित कर दिया है। कार्यकर्ता 21 से फिर से आंदोलन शुरू करेंगे।

शहर की गंभीर समस्या है क्षतिग्रस्त रोड, बेसहारा पशु और ठप सीवर व्यवस्था

1. शहर में रोहतक गेट से दादरी गेट व दादरी गेट से देवसर चुंगी तक सरकुलर रोड व डिवाइडर क्षतिग्रस्त है। रोड के बीच गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इनसे वाहन दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। हलकी बरसात के बाद स्थिति ओर भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर गड्ढों में बरसाती पानी जमा होने से टू व्हीलर चालकों का निकलना मुश्किल हो जाता है और गड्ढे दिखाई न देने पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

2. शहर में अभी भी 200 से अधिक बेसहारा पशु घूम रहे हैं। अधिकतर पशु सरकुलर रोड व बाजारों में घूमते हैं। टू व्हीलर चालक इन पशुओं की चपेट में आते हैं। कई बार पशुओं के बीच लड़ाई के दौरान सड़क की फुटपाथों पर खड़ी लोगों की गाड़ियों भी क्षतिग्रस्त हो जाती है। नप की तरफ से जमा कचरे को भी रोड पर फैला देते है। इससे आम आदमी को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

3. मौजूदा समय में शहर की तीसरी बड़ी समस्या ठप पड़ी सीवर व्यवस्था है। हनुमान गेट, पिपली वाली जोहड़ी क्षेत्र के अलावा दादरी गेट क्षेत्र में भी सीवर समस्या बनी हुई है। दादरी गेट क्षेत्र में सड़क के दाेनाें तरफ बरसाती नाला क्षतिग्रस्त है। इससे पानी सड़क पर जमा हो जाता है और राहगीरों को परेशानी होती है।

सड़क निर्माण शुरू नहीं करने पर सरकार का पुतला फंूकते लेबर क्रान्ति मोर्चा व माकपा पदाधिकारी।

इसलिए नहीं हुआ समाधान

1. बढ़ते प्रदूषण के चलते राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने चार नवंबर को खनन कार्य पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिससे रोहतक रोड स्थित बस स्टैंड से देवसर चुंगी तक के रोड का निर्माण रुक दिया गया था लेकिन 16 दिसंबर 2019 को एनजीटी के आदेश हट गए थे। आदेश हटने के बाद सर्दी बढ़ने व तापमान आठ डिग्री से नीचे रहने के कारण एनएचआई ने तारकोल व रोड़ी से बनने वाले कार्य शुरू नहीं किए। क्योंकि रोड पर तारकोल व रोड़ी से रोड निर्माण के लिए आठ डिग्री से अधिक तापमान रहना जरूरी है। इससे कम तापमान में तारकोल ठीक से पकड़ नहीं करता है। अगर रोड का निर्माण कर भी दिया जाता है तो रोड कुछ दिनों में भारी वाहनों के गुजरने से टूट जाता है।

2. शहर में घूमते बेसहारा पशुओं को रोकने के लिए प्रशासन के पास नंदीशाला में पर्याप्त जगह नहीं है। इसलिए बेसहारा पशु बाजारों में घूम रहे हैं। नगरपरिषद ने नवंबर में 200 बेसहारा पशुओं को नंदीशाला में छोड़ा था।

3. सीवर समस्या के समाधान में जनस्वास्थ्य व नगरपरिषद के अधिकारियों की लापरवाही दिखाई दे रही है। बरसाती नाले मिट्टी से अटे हुए हैं और अनेक स्थानों पर नालों पर अवैध कब्जे हैं, लेकिन नप व विभाग न तो नालों की सफाई करवा रहा है और न मरम्मत।

ये हो सकता है समाधान

तापमान में जब तक आठ डिग्री से अधिक की बढ़ोतरी न हो तब तक एनएचएआई क्षतिग्रस्त रोड पर रोडे व मिट्टी डालकर वाहनों के चलने लायक बना सकता है।

रोड के जिस क्षतिग्रस्त हिस्से पर सीसी रोड का निर्माण किया जाना है वहां विभाग रोड का निर्माण करवा सकता है।

क्षतिग्रस्त डिवाइडरों की मरम्मत का कार्य कर फोर लेन मार्ग पर ग्रिल का कार्य भी शुरू कर सकता है।

जनस्वास्थ्य व नगरपरिषद सड़क के दोनों तरफ बने नालों की सफाई व मरम्मत का काम शुरू करे।

शहर में घूमते बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए हालुवास रोड पर नंदीशाला क्षेत्र को ओर बढ़ाकर टीन शेड की व्यवस्था करे, ताकि शहर में घूमते हुए बेसहारा पशुओं का प्रबंध किया जा सके।

80 से ज्यादा तापमान जरूरी

मौसम खुलने के बाद भी रोड का निर्माण शुरू होगा। तारकोल-रोड़ी से रोड के निर्माण के लिए 8 डिग्री से अधिक तापमान की जरूर होती है। उन्होंने बताया कि अगर तापमान 15 डिग्री से अधिक हो तो रोड निर्माण और भी बेहतर होता है।\'\' -राहुल चहल, एसआई, एनएचआई।

जल्द जारी करेंगे टेंडर

नगरपरिषद हर वर्ष नालों की सफाई करवाती है लेकिन कुछ लोग नालों को जाम कर अतिक्रमण कर लेते हैं। नप जल्द टेंडर जारी कर नालों की सफाई करवाएगी।\'\' -राजेश महता, नप सचिव।



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