पानीपत.प्रदेश में अब ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए नल कनेक्शन लेने वालों को सरकार ने राहत दी है। सरकार ने पाइप लाइन बिछाने के लिए उपभोक्ता से रोड कट के लिए जाने वाले दो हजार रुपए माफ कर दिए हैं। अब उपभोक्ता को सिर्फ कनेक्शन शुल्क देना होगा। इसके लिए भी दो विकल्प दिए गए हैं।
उपभोक्ता या तो 500 रुपए का शुल्क एक साथ जमा करा सकता है। या फर 40 रुपए फ्लैट रेट के साथ 10 रुपए और दे सकता है। जबकि एससी के लिए 20 रुपए फ्लैट रेट के साथ दस रुपए अतिरिक्त जमा कराने का प्रावधान किया है। इस प्रकार दस रुपए की किश्तों से भी शुल्क जमा कराया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य जून, 2022 तक हर घर तक पानी पहुंचाने का है। प्रदेश में 2011 की जनगणना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में 31.32 लाख घर हैं। सर्वे के अनुसार 16.67 लाख घरेलू कनेक्शन हैं। यानि अभी 14.56 लाख घरों के लोग बाहर से पानी ला रहे हैं। सरकार इसी साल 31 मार्च तक इन घरों का सर्वे कराएगी।
इस पूरी योजना को लेकर मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने अधिकारियों के साथ बैठक की और जल जीवन योजना की अब तक की प्रगति भी जानी गई। उन्होंने सभी जिलों के डीसी को भी वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में हर व्यक्ति को 55 लीटर पानी प्रतिदिन मिलना चाहिए। इसके लिए हर घर तक नल कनेक्शन लगने चाहिए। इसके लिए 30 जून, 2022 तक का लक्ष्य रखा गया है। इस मिशन के तहत प्रदेश में राज्य जल एवं स्वच्छता समिति, जिला जल एवं स्वच्छता समितियों और ग्रामीण जल एवं स्वच्छता समितियों का गठन किया जा रहा है।
तीन चरणों में पूरा होगा हर घर तक नल का लक्ष्य : जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022 तक शतप्रतिशत घरों में घरेलू नल कनैक्शन मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिसे तीन चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में 30 सितंबर तक 22.7 लाख घरों, दूसरे चरण में अगले साल 30 जून, तक 25.20 लाख घरों में कनेक्शन मुहैया कराया जाएगा। जबकि तीसरे व अंतिम चरण में 31.32 लाख घरों को शत प्रतिशत घरेलू नल कनैक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे। फिलहाल हरियाणा ग्रामीण क्षेत्र में 53.47 प्रतिशत घरों तक कनेक्शन कराकर देश में चौथे नंबर पर है।
अवैध कनेक्शनों का होगा सर्वे, मौके पर होंगे वैध : जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से 31 मार्च तक अवैध कनेक्शनों को लेकर सर्वे किया जाएगा। इस कार्य में सक्षम युवाओं को शामिल किया जाए। सर्वे के परिणामों को पानी और सीवर के लिए बिलिंग सूचना प्रणाली (बिसवास) के डाटा के साथ मिलान करने पर वैध और अवैध कनेक्शनों की पहचान की जाएगी। जिसके बाद कर्मचारी घर-घर जाकर अवैध कनेक्शन को वैध करने के लिए मकान मलिक से सहमति लेकर मौके पर ही वैध कनेक्शन की सारी प्रक्रिया पूरी करेगा। हर जिले के डीसी खुद इस काम की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। ग्रामीण जल एवं स्वच्छता समितियों में महिलाओं की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित अनिवार्य है।
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