कर्मियों का कार्य बहिष्कार आज, किसानों ने आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया; बैंक ने भी भेजा हड़ताल का एसएमएस - OTA BREAKING NEWS

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Tuesday, 7 January 2020

कर्मियों का कार्य बहिष्कार आज, किसानों ने आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया; बैंक ने भी भेजा हड़ताल का एसएमएस

लखनऊ/ भोपाल/ जालंधर. ऑल इंडिया ट्रेड यूनियंस ने आज भारत बंद का ऐलान किया है। इसका असर देशभर में देखने काे मिल सकता है। आंदोलन में किसानों और छात्र संगठनों के कूदने की घोषणा से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पंजाब में किसानों ने दूध, सब्जी, फल आदि की सप्लाई रोकने की घोषणा की है तो मध्यप्रदेश में सेंट्रल बैंक ने एसएमएस भेज कर ग्राहकों को हड़ताल की जानकारी दी है।उत्तरप्रदेश मेंबुधवार को होने वाली जेईई मेन 2020, यूपी टीईटी 2019 और आईसीएआर नेट 2020 प्रवेश परीक्षाएं भीप्रभावित हो सकती हैं। बैंकिंग सेक्टर के हड़ताल पर जाने से करोड़ोंरुपए के लेन-देन पर असर पड़ेगा।

किसानों का दावा है कि देशभर में 249 किसान संगठन और 80 विद्यार्थी संगठन इस बंद को समर्थन दे रहे हैं। सीटू से जुड़ी ट्रेड यूनियन के साथ-साथ ऑल इंडिया संघर्ष कमेटी की घोषणा के मुताबिक गांवों से दूध, सब्जी-फल के साथ-साथ हरा चारा की शहर में सप्लाई प्रभावित होगी। पंजाब में आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन की ओर से भी तमाम आंगनबाड़ी सेंटर बंद रखकर हड़ताल का समर्थन किया जाएगा।


बंदी में शामिल होंगे ये संगठन
भारत बंद में भारतीय व्यापार संघ ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर, हिंद मजदूर सभा (एचएमएस), स्व-रोजगार महिला संघ, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी), लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन शामिल हैं। इसके अलावा (एलपीएफ), यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (यूटीयूसी), ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू), इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (आईएनटीयूसी) और ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर ने समर्थन दिया है।

कर्मचारियों की ये हैं मांगें-

  • सभी के लिए न्यूनतम वेतन 21 हजार प्रति माह से कम न हो और इसे मूल्य सूचकांक से जोड़ा जाए
  • स्थायी/ बाहर मासी कामों के लिए ठेका प्रथा बंद हो। ठेका / संविदा / आउटसोर्सिंग कर्मचारी, जो नियमित कर्मचारी का कार्य कर रहे हैं उन्हें नियमित किया जाए। जब तक उन्हें नियमित नहीं किया जाता नियमित कर्मचारियों के बराबर वेतन भत्ता दिया जाए।
  • बोनस और और प्रोविडेंट फंड की अदायगी पर से सभी बाध्‍यता सीमा हटायी जाए। ग्रेच्‍युटी का भुगतान 45 दिन प्रतिवर्ष के हिसाब से किया जाए।
  • सबके लिए पेंशन सुनिश्चित किया जाए। ईपीएफओ द्वारा सभी को एक हजार की जगह कम से कम दस हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाए।
  • केंद्रिय राज्‍य सरकार के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन नीति को बहाल किया जाए। केंद्र व राज्‍य कर्मचारियों को एक समान वेतन व भत्‍ते दिए जाए।
  • रोजगार सृजन के लिए ठोस कदम उठाया जाए। केंद्र व राज्‍य सरकार के रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती किया जाए। नियमित प्रकृति के कार्यों में कार्यरत सभी उद्योग के संविदा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित किया जाए और कार्य के आधार पर आवश्यकतानुसार नई भर्ती की जाए, ताकि बेरोजगारी दूर हो। स्थाई प्रकृति के काम पर स्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
  • महंगाई पर रोक लगाने के लिए योजना बनाई जाए। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत किया जाए एवं खाद्य पदार्थों पर वायदा कारोबार पर रोक लगाई जाए।
  • श्रम कानून को सख्ती से लागू किया जाए। श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधनों को वापस किया जाए असंगठित क्षेत्र के लिए क्या मजदूरों के लिए क्षेत्र के मजदूरों के लिए सर्वव्यापी सर्वव्यापी सामाजिक सुरक्षा कानून बनाया जाए एवं राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष का निर्माण किया जाए।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रतीकात्मक।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2sVSoXR
via IFTTT

ADD











Pages