टीचर को पहले अवाॅर्ड पाने और फिर जॉइन करने के लिए लेना पड़ा हाईकोर्ट का सहारा - OTA BREAKING NEWS

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Tuesday, 14 January 2020

टीचर को पहले अवाॅर्ड पाने और फिर जॉइन करने के लिए लेना पड़ा हाईकोर्ट का सहारा

एक शिक्षक को स्टेट अवाॅर्ड का अपना हक पाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उसका हक देने के लिए विभाग को आदेश दे दिए लेकिन उसे लागू करवाने के लिए शिक्षक को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा लेकिन नाकाम रहा। उसे फिर से कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। कोर्ट की अवमानना से बचने के लिए प्रिंसिपल सेेेेक्रेटरी टू हरियाणा गवर्नमेंट डॉक्टर महावीर सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उसे तुरंत स्कूल में जॉइन कराने के निर्देश जारी कर दिए। कोर्ट की अवमानना केस की सुनवाई 20 जनवरी को होनी है।

बिलासपुर निवासी रवि कांबोज फतेहगढ़ तुंबी गांव के राजकीय सीसे स्कूल में अंग्रेजी प्राध्यापक पद पर कार्यरत थे। सेवानिवृत्ति की आयु पूरी करने पर उन्हें 31 अगस्त को रिटायरमेंट मिलनी थी। इस बीच उन्होंने स्टेट टीचर अवाॅर्ड-2016 के लिए अप्लाई किया। हालांकि वह इसके लिए आवश्यक शर्तें पूरी करते थे लेकिन उनसे कम योग्यता वाले टीचर्स को मिलीभगत के चलते स्टेट टीचर अवाॅर्ड से सम्मानित कर दिया गया जिसे उन्होंने कोर्ट में चुनौती दी। उनकी रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले 30 अगस्त को कोर्ट ने उनके हक में फैसला देते हुए शिक्षा विभाग को याचिकाकर्ता को तुरंत प्रभाव से स्टेट अवाॅर्ड देकर सर्विस में कंटीन्यू करने के आदेश पारित कर दिए लेकिन शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने कोर्ट के आदेशों को दरकिनार करते हुए उन्हें 31 अगस्त को ही एमआईएस पोर्टल पर रिलीव कर दिया।

कोर्ट की अवमानना के डर के चलते दी जॉइन: कोर्ट के आदेश लेकर संबंधित टीचर एक से दूसरे दफ्तर भटकता रहा। उसने कोर्ट के आदेशों की अवमानना का केस डाला जिसकी सुनवाई के लिए 20 जनवरी तय की गई है। प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने विभागीय अधिकारियों को याचिकाकर्ता को स्कूल में जॉइन कराने के आदेश दिए।

इस साल किया जाएगा सम्मानित: प्राध्यापक रवि कुमार कांबोज ने बताया कि स्टेट टीचर अवाॅर्ड प्राप्त करने वाले शिक्षकों का दो साल की सर्विस एक्सटेंशन दी जाती है। साथ ही एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट भी मिलती है। उन्हें इस वर्ष के राज्य पुरस्कार समारोह में पांच सितंबर को पुरस्कार पाने वाले अन्य शिक्षकों के साथ सम्मानित किया जाएगा।

कम योग्यता वाले को किया था सम्मानित

आॅर्डर मिलते ही करा दिया जॉइन: प्रिंसिपल

विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेश मिलते ही प्राध्यापक को स्कूल में जॉइन करा दिया गया है। प्राध्यापक की रिटायरमेंट के बाद से इंग्लिश प्राध्यापक का पद रिक्त था जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। नरेश पाल, फतेहगढ़ स्कूल प्रिंसिपल



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