ऑस्ट्रेलिया से आई लेडी डॉक्टर सोनिया ने कहा कि वह इस ध्यान साधना शिविर में जिस पर परानुभूति का आनंद ले रहे हैं वह आज तक कभी भी नहीं मिला। इसके साथ ही कैनेडा से पहुंचे जरनैल सिंह ने भी कहा कि जीवन के असली आनंद को पाने में यह ध्यान साधना शिविर उसके लिए बेहद अहम साबित हो रहा है। स्वामी आलोक ने जीवन जीने के असली ढंग से रूबरू कराते हुए कहा कि जिस दिन आपका जीवन रास हो जाए, महारास हो जाए, जिस दिन आप दुखों को भूलकर खुशी की अनुभूति का आनंद लो वहीं जीवन जीने की असली कला है। जीवन जीने की कला जो जीवन में मकसद लेकर आए थे उसके मुताबिक अगर जीवन जीने लगे तो वही उसकी कला है। कार्यक्रम में साधकों ने भजनों पर झूमते हुए खूब आनंद किया।
इस मौके पर चंद्रप्रकाश, बनारसी दास जिंदल, ओम प्रकाश जिंदल, पूर्व सरपंच सुरेंद्र मित्तल, अनु गांधी, प्रवीण जिंदल, जसवीर सिंह, मास्टर राजेंद्र कुमार, सुभाष चंद्र गर्ग, श्यामलाल जिंदल, वेद प्रकाश, सोनू गोयल, प्रदीप कुमार,भारती शर्मा, सरिता गर्ग, तरसेम सिंगला, सुरेंद्र गुप्ता, प्रदीप कुमार, राज बंसल, सुखविंदर सिंह थिंद आदि मौजूद रहे।
जाखल में आयोजित ध्यान साधना शिविर में आनंदम संस्थान से स्वामी आलोक साधकों के साथ झूमते हुए।
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