हरियाणा में अौसतन 1000 बेटों पर बेटियों की संख्या 923 हो गई है। पांच वर्ष पहले 2015 में लिंगानुपात 871 था। इसमें 52 अंकों की वृद्धि हुई है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता के मुताबिक 2019 के दौरान प्रदेश में कुल 518725 जन्म पंजीकृत किए गए। इनमें 248950 बालिकाएं और 269775 बालक शामिल हैं। अब पंचकूला और अम्बाला में लिंगानुपात में क्रमश: 963 और 959 है। कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध चलाए गए अभियान के माध्यम से पिछले 5 वर्षों के दौरान हरियाणा में लगभग 25000 लड़कियों को बचाया जा सका है। जन्म के समय लिंगानुपात में यह सुधार नारनौल से पंचकूला तक के सभी जिलों में देखा गया है। राजस्थान का एक सीमावर्ती जिला महेंद्रगढ़, जहां लिंगानुपात आमतौर पर 800 से नीचे रहा है। वहां 2014 में 745 था, लिंगानुपात 2019 में 917 तक पहुंच गया है, जोकि 172 अंकों की वृद्धि दर्शाता है।
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