उन्होंने कहा कि बुराई एक पल के प्रयास में आ जाती है लेकिन अच्छे गुण बार-बार के प्रयास से आते हैं। कंवर महाराज ने कहा कि लाख नुकसान हो जाए फिर भी किसी बुरे का संग मत करना, क्यों कि बुराई के प्रभाव में आकर इंसान अपना सब कुछ गंवा देता है। महाराज जी ने कहा कि हम तो संतों के पास भी अपने स्वार्थ लेकर जाते हैं। हम सोचते है कि गुरु भोला है इसे क्या पता होगा। हम भूल जाते हैं कि गुरु तो पल पल के ज्ञाता हैं वो तो जान बूझकर हमारे कर्मों को ढके रखते हैं। वो बार-बार जीव को सुधरने का मौका देते हैं। ध्यान में बैठने की बात करते हो और बुराई त्यागते नहीं तो कोई फायदा नहीं होगा। हां बुराई त्याग दोगे तो आपको बिना ध्यान में बैठे भी भक्ति का लाभ मिलेगा। गुरु महाराज ने कहा कि भक्ति की बातों का आनन्द किसी गुरुमुख से वार्ता करने पर ही आता है। उन्होंने कहा कि गुरु के वचन को पुनः-पुनः सुनो और सुनकर फिर गुणों, आपका मन आपकी मर्जी के बिना कही नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि बुरा करोगे तो दुगुनी सजा मिलेगी। एक सजा तो यहां का कानून देगा और दूसरी सजा परमात्मा का कानून देगा। इसलिए कभी भी बुरा मत करो। कंवर महाराज ने कहा कि अनजाने में हमसे अगर गलत होता है ताे ये गलती नहीं लेकिन अगर जान बूझकर किसी का अहित करते हो तो ये गलती नहीं पाप है।
उन्होंने कहा कि रजोगुण, सतोगुण और तमोगुण तीन गुणों को त्यागकर ही आप सारगुण को पा सकते हैं। आज हम बुराइयों को तो उजागर करते हैं लेकिन अच्छाई को नीचे दबाकर रखते हैं। घरों में प्यार प्रेम शांति रखो, पानी को बचाओ, पर्यावरण की सुरक्षा करो, मां बाप की इज्जत और आदर करो, वस्तुओं को बर्बाद करने की बजाए जरूरतमंदों में वितरित करो। उन्होंने कहा कि अच्छे काम करोगे तो बड़ाई भी आपकी ही होगी। साथी बनाओ तो सतगुरु को बनाओ क्योंकि आज के स्वार्थी संसार में यदि कोई निस्वार्थ है तो केवल एक सतगुरु है। महाराज जी ने कहा जिसने भी यह प्राप्त कर लिया तो उसका जीवन सफल है और उसके जीवन में कभी भी बाधा या व्याधि नहीं आती। वह प्राणी हमेशा खुश रहता है। इसलिए हमेशा सब से प्यार करो व सबका सम्मान करो तथा जरूरत के समय एक दूसरे की सहायता करो।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/37HLXGO