काेराेनावायरस संक्रमण काे राेकने के लिए सरकार ने चीन से अाने वाले विदेशियाें का वीसा रद्द कर दिया है। राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने यह जानकारी दी। सरकार ने लाेगाें से चीन की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। 21 हवाईअड्डाें अाैर 12 बड़े बंदरगाहाें में यात्रियाें की स्क्रीनिंग के निर्देश दिए हैं। उधर, चीन से हरियाणा पहुंचे लोगों और परिजनों ने भास्कर से अापबीती शेयर की। उन्होंने बताया कि किस कदर वे वहां फंस गए थे और अब भी प्रदेश के कई लोग वहां फंसे हुए हैं। वहीं, पानीपत के उद्यमियों से उनके रिश्तेदारों-बिजनेस एसोसिएट्स ने संक्रमण राेकने के मास्क मंगवाए हैं। मांग बढ़ने से वहां उनकी कमी हो गई है। यहां से करीब 10 हजार मास्क भेजने की तैयारी है। -संबंधित पेज 12 पर
पानीपत | कोराेना से प्रभावित चीन में मास्क की भारी कमी है। 60 रुपए कीमत वाला मास्क एक हजार रुपए में बिक रहा है, जिसके लिए लंबी लाइनें लग रही है। इसे देखते हुए चीन में रहने वाले लोग पानीपत के पहचान के उद्यमियों से मास्क मांग रहे हैं। चूंकि, पानीपत के उद्यमियों का चीन से बड़ा कारोबार है, इसलिए सब जान-पहचान के उद्यमियों से मदद मांग रहे हैं। उत्तर भारत रोटर स्पिनर्स एसोसिएशन के प्रधान प्रीतम सिंह सचदेवा ने बताया कि चीन के जिंगसु शहर की सन्नीवे ने मास्क मंगाया है। सचदेवा ने बताया कि शनिवार को कोरियर के माध्यम से 10000 मास्क चीन भेज रहे हैं। पहली खेप में 1000 मास्क भेजे जाएंगे।
पानीपत. चीन में 60 रु. का मास्क हजार में बिक रहा है, यहां से भेजेंगे
जींद | चीन से स्वदेश लौटे जींद के राहुल के पिता सुरेश कुमार ने बताया कि बेटा सितंबर 2019 को चीन के हेफेई के अनहुई स्टेट में एमबीबीएस करने गया था। जनवरी में 1 माह की छुट्टी के चलते भारतीय छात्र हाॅस्टल में ही रुक जाते हैं, लेकिन वायरस के चलते छुट्टियों को बढ़ा दिया गया। अनहुई में कोरोना कुछ दिन पहले तक ज्यादा नहीं फैला था, लेकिन अब संख्या बढ़ी है। अनसुई स्टेट से वुहान 300 किलोमीटर दूर है। वहां पर बाजार में जाने पर पाबंदी लगा दी थी। बेटा 10 दिन तक हॉस्टल में ही रहा, बाद में उसे वापस बुला लिया। वह बैंकाॅक होते हुए दिल्ली पहुंचा। मेरे रिश्तेदार के बच्चे इस समय भी अनसुई स्टेट में हॉस्टल में है। वे बताते हैं कि अब वहां हालात ठीक हंै और टैक्सी भी चलने लग गई है।
हिसार| पार्षद महेंद्र जुनेजा के पुत्र अखिल ने बताया कि वह चीन की वेईफांग मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। वेईफांग शहर वुहान से करीब 1058 किलोमीटर दूर है। मैं 17 जनवरी को लौटा हूं। वहां के हालात ठीक नहीं हैं। शहरों में दहशत का माहौल है। मेरे सहपाठी वायरस से बचने के लिए हॉस्टल के कमरों में बंद हैं। उन्हें चौथी मंजिल पर रखा है। शुरुआती दिनों में खाने-पीने की दिक्कत हुई, लेकिन अब विश्वविद्यालय स्टूडेंट्स से पैसे लेकर उन्हें जरूरी सामान मुहैया करवा रहा है। उन्हें रेलवे स्टेशन तक छोड़ने के लिए स्पेशल कैब की व्यवस्था है। फ्लाइट बुकिंग में लंबा इंतजार करना पड़ रहा था।
सोनीपत| जीटी रोड स्थित फ्लैट में रहने वाले संदीप आंतिल ने बताया कि मैं चीन के तिआइजिन में कार निर्माण कंपनी में जॉब करता हूं। 1 जनवरी को ही गया था। 12 को 100 किमी दूर स्थित वुहान सिटी में वायरस फैलने की जानकारी मिली। तभी तिआइजिन में भी 9 लाेगों के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। लोग घरों में बंद हो गए। सार्वजनिक फूड पॉइंट्स भी बंद हो गए। जरूरी खाने पीने का सामान खरीदने में परेशानी होने लगी। इसी दौरान परिवार वाले फोन पर तुरंत स्वदेश लौटने के लिए कहने लगे। मेरी कंपनी में छुट्टी कर दी गई। 28 जनवरी को पूरा शहर ही बंद कर दिया। 31 जनवरी को वे भारत आने के लिए निकले। सड़कों पर डॉक्टरों की टीम हर व्यक्ति को जांच रही थी। इंडिया में एयरपोर्ट पर जांच हुई।
जींद. वायरस के चलते बढ़ी छुट्टी, बैंकॉक के रास्ते जैसे-तैसे लौटा बेटा
हिसार. कमरों में बंद मेडिकल स्टूडेंट, फ्लाइट की टिकट के लिए लंबी वेटिंग
सोनीपत. घर में हो गए थे कैद, खाने को कुछ नहीं था, 1 माह में लौटना पड़ा
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