वाराणसी. उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाारणसी में संत शिरोमणि रविदास जी की 643वीं जयंती आज (9 फरवरी) को उनके जन्मस्थान सीरगोवर्धनपुर में धूमधाम नायीजाएगी। इस समारोह में अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, नीदरलैंड, सिंगापुर, अफ्रीका, जापान समेत कई स्थानों से भारतीय और एनआरआईशाामिल होन के लिएआएंगे।आयाजकों का दावा है कि संत रविदास की जयंती में शामिल होने के लिए कई राज्यों से भी लाखों लोग यहां पहुंचेंगे। उनके ठहरने काइंतजाम कर दिया गया है और उनकी सेवा के लिए 800 सेवादारों की तैनाती की जाएगी।
श्री गुरु रविदास जन्मस्थान मंदिर पब्लिक चैरेटिबल ट्रस्ट की ओर से यह आयोजनकराया जा रहा है।इसके चेयरमैन संत निरंजन दास जी हैं। इस ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी किशनलाल ने दैनिक भास्कर ऐप से यहां चल रही तैयारियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि लाखों लोग पूरे विश्व से यहां आएंगे। संत निरंजनदास जी पंजाब से स्पेशल ट्रेन से भक्तों साथ सात फरवरी को ही आ गए थे।शनिवार देर शाम को ही पूरे जन्मस्थली को दीप मालाओंसे सजा दियाजाएगा।
शनिवार शाम को सज जाएगी जन्मस्थली, 9 फरवरी से शुरू होगा उत्सव
उन्होंने कहा- मुख्य कार्यक्रम रविवार को महराज जी द्वारा मंदिर में संतरविदास जी का माल्यर्पण कर शुरू होगा। उसके बाद रविदासिया धर्म के ध्वज का ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके पश्चात11 बजे से 3 बजे तक मुख्य पंडाल में गुरु निरंजनदास जी का प्रवचन होगा। शाम को झाकियां निकाली जाएंगी। इस कार्यक्रम में शामिल होन के लिए अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, नीदरलैंड, सिंगापुर, अफ्रीका, जापान समेत कई स्थानों सेएनआरआई आएंगे। इनके ठहरने के लिए दो पांडालों को तैयार कराया गया है। इसके अलावा तीन लाख स्क्वॉयर फीट में बड़े टेंट लगाए जा रहे हैं। जिसमें हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, बिहार, कश्मीर, दिल्ली,मुम्बई, हिमांचल समेत कई राज्यों के लोग शामिल होंगे।ठंड को देखते हुए सभी के लिए रजाई गद्दे की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम स्थल पर तैनात होंगे800सेवादार
करीब 300 से ज्यादे सेवादार खाने की व्यवस्थामें लगें हैं। ये लोगसब्जी काटना,आटा गूथना, बर्तन साफ करना, रोटी और खाना बनाना, साथ ही साफ सफाई संभाल रहे हैं।वहीं 500 से ज्यादा सेवादार मंदिर ,पंडाल, लंगर पंडाल, रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। सभी प्वाइंट पर इनकी सेवा लगाई जाएगी।पंजाब से संत निरंजनदास जी महाराज ने 350 कुंटल चावल और 400 कुंतल गेंहू भिजवा दिया है।
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