डीसी अजय कुमार ने गुरुवार काे अपने कार्यालय में बैंक अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें ऋण मुहैया करवाने में अनावश्यक रूप से देरी नहीं करने के निर्देश दिए व प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की समीक्षा की।
डीसी ने कहा कि जिला उद्योग केंद्र के साथ-साथ बैंक मुख्य भूमिका निभाते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि ऋण प्रक्रिया में औपचारिकताएं भी निर्धारित समय अनुसार पूरी की जाएं। औपचारिकता पूरी करने वाले कोई भी केस बैंक के पास लंबित न रहे। डीसी ने निर्देश दिए कि बिना किसी ठोस वजह के ऋण के केस को अस्वीकार न किया जाए। जो भी केस अस्वीकार किए जाते हैं, उनके कारण सहित सूचना उनके कार्यालय में भिजवाएं। इस अवसर पर लीड बैंक पंजाब नेशनल मैनेजर बीके धींगड़ा ने बैंकों के लिए जरूरी औपचारिकताओं के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे। जीएमडीआई संदीप कुमार ने डीसी को बताया कि कच्चे माल से नया सामान बनाने के लघु उद्योग क्षेत्र में ऑयल मिल, कूलर बनाना व अन्य कई प्रकार के फर्नीचर आदि बनाना शामिल हैं। इसके लिए 25 लाख रुपये तक की ऋण सहायता प्रदान की जाती है। इसी प्रकार से सेवा क्षेत्र में टैंट हाऊस, सेटरिंग स्टोर, जिम, बुटिक, मोबाइल रिपेयर व ऑटो रिपेयर आदि मुख्य रूप से आते हैं।
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