चंडीगढ़.शराब को लेकर हरियाणा में सियासत गरमा गई है। नई आबकारी नीति को लेकर विपक्ष ने कई तरह के सवाल उठाए हैं, इनमें घर में शराब स्टॉक करने का काफी विरोध किया जा रहा है, लेकिन यह नया नियम नहीं है।आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन साल से घर पर लाइफ टाइम शराब का लाइसेंस लेना पड़ता था तो 10 हजार रुपए देने पड़ते थे। जबकि सालाना 1500 रुपए है। इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। हां अबकी बार यदि एक व्यक्ति को घर में कोई पार्टी करनी है या वह क्षमता से अधिक शराब सर्व करना चाहता है तो उसे एल-12 ए का लाइसेंस के लिए 1000 रुपए अदा करने होंगे।
यह महज एक दिन के लिए होगा। पहले यह राशि एक दिन के लिए 500 रुपए थी। दूसरी ओर आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि देसी शराब को बंद नहीं किया जाएगा, इसका कोटा 40 से 20 फीसदी किया गया है। अगले साल से ठेकेदारों के लिए यह कोटा ओपन होगा, यानी वे किसी भी डिस्टलरी से देसी शराब खरीदकर बेच सकेंगे। डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला ने बताया कि शराब को लेकर विपक्ष बेवजह भ्रम फैला रहा है। पिछले तीन साल से शराब घर पर रखने के सालाना 1500 रुपए और लाइफ टाइम 10 हजार रुपए थे, इसमें किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। जबकि क्षमता से अधिक कोई व्यक्ति शराब घर में सर्व करता है तो उसे एक दिन के लिए 1000 रुपए अदा करने होंगे, पहले यह 500 रुपए था।
देसी शराब हुई सस्ती
हरियाणा में आमतौर पर देसी शराब की कीमतों में हर वर्ष इजाफा होता रहा है। यह पहला मौका है जब एक्स-डिस्टलरी प्राइस में 17 रुपए पर पेटी रेट कम किया गया है। देसी शराब की क्वालिटी में सुधार के लिए बोटलिंग प्लांट में बोटलिंग पर बैन लगा दिया है। यही नहीं अब डिस्टलरी में ही बोटलिंग हो सकेगी। यही नहीं शर्तों को पूरी करने वाली 700 ग्राम सभाओं के प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इन गांवों में अब शराब के ठेके नहीं खुलेंगे। अबकी बार करीब 11 प्रतिशत गांवों में शराब की बिक्री नहीं होगी।
यह शराब रख सकते हैं घर पर
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार आईएफएल की छह, आईएमएफएल की 12, कंट्री लीकर की छह बोतल रख सकता है। बीयर की 12, रम की छह, वाइन की 12 बोतल, वोडका की छह रख सकता है। यह हर आदमी की केपेसिटी है, यह 15 साल से है। यदि संबंधित व्यक्ति क्षमता से ज्यादा सर्व करना है तो उसको एल-12 ए का लाइसेंस लेना पड़ेगा। घर पर शराब रखने का पिछले तीन साल से लाइफ टाइम लाइसेंस 10 हजार रुपए देकर लिया जाता रहा है। जबकि सालाना राशि 1500 रुपए है।
कोई भी कर सकेगा विदेशी शराब की सप्लाई
विदेश से आयात होने वाली शराब पर पहले समूचे हरियाणा में एक ही व्यक्ति का विशेषाधिकार था। यही नहीं राज्य में विदेशी शराब के चार लाइसेंस थे और चारों ही व्यक्ति विशेष के पास थे। अब एक अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति में इसे ओपन कर दिया गया है। नई नीति के अनुसार लाइसेंस फीस जमा करवा कर कोई भी व्यक्ति विदेशी शराब की सप्लाई कर सकेगा।
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