शहर में सफाई कार्य के दौरान ड्यूटी पर कोताही बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ जिला प्रशासन अब सख्त कार्रवाई करने के मूड में दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं सफाई के जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों पर सस्पेंशन की गाज भी गिर सकती है।
मंगलवार को डीसी ने नप अधिकारियों की बैठक ले कर उन्हें सफाई संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके साथ साथ डीसी अजय कुमार ने नप अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए तुरंत प्रभाव से पॉलीथिन मुक्त व कैटल फ्री अभियान शुरू करने के आदेश भी दिए।
गौरतलब है कि शहर में सफाई व्यवस्था पटरी से उतर रही है। जगह जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। दोपहर से शाम तक कचरा प्वाइंटों पर कूड़ा पड़ा रहता है। यहां तक की शहर के सरकुलर रोड के दोनों तरफ भी हर रोज सफाई व कूड़े का उठान भी बाधित बना हुआ है।
शहर में दस स्थानों पर मुख्य सड़क मार्ग के साथ ही कूड़ा प्वाइंट बनाए हुए हैं। ऐसे में कर्मचारियों के सफाई करने के बाद भी शहर में सफाई दिखाई नहीं देती। शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में सफाई का ठेका समाप्त होने के कारण पिछले दो महीनों से सफाई व्यवस्था प्रभावित है।
ये हैं शहर में गंदगी के दो बड़े कारण
1. शहर में 500 से अधिक संख्या में बेसहारा पशु घूम रहे हैं, जो दुर्घटना के साथ शहर में गंदगी भी फैला रहे है। दो साल पहले प्रशासन ने शहर को कैटल फ्री घोषित किया गया था लेकिन वास्तव में शहर में कभी कैटल फ्री हुआ ही नहीं है। नंदीशाला में लगभग 1200 बेसहारा पशु रखे हैं। इससे अधिक पशु रखने की नंदीशाला में व्यवस्था नहीं है। नगरपरिषद ने न तो नंदीशाला का क्षेत्र बढ़ाया और न ही शहर में घूमते शेष बेसहारा पशुओं को पकड़ा।
सड़कों की फुटपाथ को भी इंटर लॉक व पेवर ब्लॉक से पक्का किया जाएगा
समीक्षा बैठक में डीसी अजय कुमार ने नप अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में सड़कों के निर्माण के दौरान दोनों साइड में कच्ची फुटपाथों को इंटरलॉक व पेवर ब्लॉक से पक्का करे। निर्धारित पैमाने के अनुरूप ही निर्माण सामग्री का प्रयोग करे और विकास कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाए। डीसी ने इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे मकानों के बारे में भी जानकारी ली और निर्देश दिए कि जरूरतमंद व पात्र व्यक्तियों को इस योजना का लाभ तुरंत प्रभाव से उपलब्ध करवाएं। पॉलीथीन के थोक विक्रेताओं के चालान काटे और पॉलीथीन मुक्त अभियान को योजनाबद्ध तरीके से चलाया। इस संबंध में दुकानदारों व ग्राहकों को जागरूक भी करें। डीसी ने नप अधिकारियों को शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की भी दुरूस्त किए जाने के आदेश दिए।
बैठक में डीसी से बोले, नप अधिकारी आउटसोर्सिंग से ठेका दिया जाएगा
नप अधिकारियों ने डीसी अजय कुमार को अपनी सफाई में बताया कि 11 फरवरी को बंदर पकड़ने से संबंधित टेंडर खुलेगा, इसके बाद शहर में बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नप के पास 140 नियमित सफाई कर्मचारी और 157 ठेके के सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 13 दरोगा हैं और दो सफाई निरीक्षक हैं, जो नियमित रूप से सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हैं। नप अधिकारियों ने बताया कि शहर में सेक्टर 13, 23, 26 और मंडी टाउनशिप का क्षेत्र में आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत सफाई करवाई जाती है। जल्द ही शहर के करीब आधा दर्जन वार्डों को आऊटसोर्सिंग के तहत सफाई का ठेका दिया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
2. शहर को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने पॉलीथिन पकड़ों अभियान चलाया था। नगरपरिषद समेत विभिन्न विभागों की आठ टीमें गठित की गई थी। नगरपरिषद व मार्केट कमेटी के अधिकारियों की टीमों ने बाजारों व मंडी में अभियान भी चलाया और 10 क्विंटल से अधिक पॉलीथिन की थैलियां जब्त कर जुर्माना भी लगाया गया। इसके बाद अभियान को बंद कर दिया और पॉलीथिन की थैलियों का फिर से धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। शहर में गंदगी का एक मुख्य कारण पॉलीथिन की प्रतिबंधित थैलियों का उपयोग करना भी है। क्योंकि उपयोग के बाद प्लास्टिक की थैलियों को खुले में फेंक दिया जाता है। जो नाला व सीवर को जाम कर देती है। इसके अलावा कूड़े के ढेरों में पॉलीथिन जमा रहती है और कई बार थैलियां हवा में उड़कर सड़कों व गलियांे तक पहुंच जाती है।
दो महीनों से पटरी पर नहीं है सफाई व्यवस्था, आधे शहर के लिए तो टेंडर ही नहीं हो पाया
भिवानी। सरकुलर रोड पर नेहरू पार्क के सामने पड़ा कचरा।
भिवानी। सेठ किरोड़ीमल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मार्ग की ओर से नेहरू पार्क के साथ लगती दीवार के किनारे गिराया गया कचरा।
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