समस्त साईं परिवार हिसार ने ‘महफिल साईंयां दी’ हर्षोल्लास के साथ मनाई। इस मौके पर कव्वालियों के माध्यम से अपने मन के उद्गार व्यक्त करने पंजाब के मलेरकोटला के विख्यात कव्वाल करामत अली फकीर, सन्नी सलीम जालंधर व मुमताज सांवरी पहुंचे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले हिसार समिति सदस्यों ने व आए हुए कव्वालों ने बाबा मुरादशाह व साईं गुलाम शाहजी के स्वरूप को नतमस्तक होकर उनकी आराधना की। विख्यात कव्वाल करामत अली फकीर ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने संदेश में इन्सानियत का पाठ पढ़ाया। समिति सदस्यों ने आए हुए कव्वालों व सेवादारों का सम्मान किया। कार्यक्रम के साथ-साथ भण्डारा भी लगाया गया। इसके बाद कव्वालों की ‘कोई इन्सान किसी इन्सान को क्या देता है, इन्सान सिर्फ बहाना है खुदा देता है’, ‘मेरा लिख ले गुलामां विच नाम बाबा’, ‘न कर अडिया कर साकी मैं तां पीनी है बाबा तेरे नाम दी मस्ती’, ‘ताज दारां दे नाम अमीरां दे दिए बलदे फकीरां दे’, ‘हम को गुलिस्तां के हर गुल से मोहब्बत है, गुलची को जो नफरत हो तो गुलशन से निकल जाए’, ‘अखियां उड़ीक दियां दिल्लों वाजा मारदा, आजा जान वालेया तैने वास्ता है प्यार दा’, ‘आजा ओ मेरे साईं मुरशद मेरे आ जाओ, उजड़ी हुई आसा दी आज लोक वसा जाओ’, ‘मैं नीवां मेरा मुरशीद उचां, उचयां दे संग लाई मैं सजके जावां इनां दे’, ‘करमात फकीर कमाल दी साईं मुरादां दे दरबार दी’ आदि सुन्दर कव्वालियों पर उपस्थित श्रद्धालुगण देर रात तक झूमते रहे।
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