22 मार्च को जनता कर्फ्यू का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर अमल करते हुए छछरौली क्षेत्र के लेदा खादर गांव में एक मुस्लिम परिवार ने 22 मार्च को तय की गई शादी को कैंसिल कर दिया। शादी 22 मार्च की बजाय 21 मार्च को ही साधारण तरीके से 5 लोगों की मौजूदगी में रीति-रिवाजों को मनाते हुए निकाह की रस्में पूरी की गई। लेदा खादर के सरपंच प्रतिनिधि अजैब सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके गांव में मुस्लिम परिवार में शराफत अली के लड़के इमरान का निकाह बुडिया निवासी जुल्फान की लड़की रोजी का निकाह 22 मार्च को तय की गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के तहत देश बंद करने के आह्वान पर अमल करते हुए मुस्लिम परिवार ने 22 मार्च को निकाह कैंसिल करके एक दिन पहले ही यानी 21 मार्च को शादी की रस्में 5 लोगों की मौजूदगी में पूरी की। दूल्हे के पिता शराफत अली ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने जो निर्णय लिया है वह देश और देश की जनता के हित में है। उस पर अमल करते हुए अपने बेटे की जो शादी 22 मार्च को रखी गई थी उसको कैंसिल किया है। शादी की रस्में साधारण तरीके से 5 लोगों की मौजूदगी में पूरी की गई है। उन्होंने बताया कि इस शादी के लिए उसने अपने सभी रिश्तेदारों को न्योता दिया हुआ था। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की तो मैंने अपने सभी रिश्तेदारों से हाथ जोड़ते हुए कार्यक्रम में शामिल ना होने के लिए बोल दिया और कहा कि देश की भलाई सर्वोपरि है। सरपंच प्रतिनिधि अजेब सिंह ने कहा कि शराफत के इस फैसले का क्षेत्र में सभी सराहना कर रहे हैं।
छछरौली के लेदा खादर गांव के मुस्लिम परिवार ने पीएम की अपील का किया सम्मान
यमुनानगर|लेदा खादर का परिवार दूल्हे के साथ।
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