कोरोना वायरस से घर के सकारात्मक वातावरण को प्रभावित न होने दें
मुं बई में पश्चिम रेलवे ने एक प्रयोग शुरू किया है, जिसके परिणामस्वरूप कोरोना वायरस (COVID-19) को फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है। सोमवार से वे पिछले एक महीने में चीन, फ्रांस, जर्मनी, ईरान, इटली, दक्षिण कोरिया और स्पेन में यात्रा कर चुके यात्रियों की स्क्रीनिंग करेंगें। अगर उनमें कोरोना के लक्षण दिखते हैं, तो वे मौके पर ही उन यात्रियों के ट्रेन टिकट रद्द कर देंगे। मुंबई सेंट्रल डिवीजन को मुंबई नागरिक प्राधिकरणों से यात्रियों की एक सूची मिली है, जिसमें उन सभी यात्रियों के नाम हैं जो 15 फरवरी तक सूचीबद्ध देशों से आए हैं। रेलवे इस डेटा का उपयोग यह पता लगाने के लिए करेगा कि क्या लिस्ट में दिए गए यात्रियों में से किसी ने ट्रेन टिकट बुक किया है। रेलवे सूत्रों से बात करके न्यूज चैनलों ने बताया कि ‘लंबी दूरी की ट्रेन के लिए चार्ट कम से कम चार घंटे पहले तैयार किया जाता है। इतना समय ट्रेनों में सवार जोखिम वाले यात्रियों की पहचान करने के लिए पर्याप्त है। सभी टिकट-चेकर्स को निर्देश दिया गया है कि अगर उन्हें कोई भी ऐसा यात्री दिखे, जिसमें कोरोना वायरस के लक्षण हों, तो उस यात्री का टिकट उसी वक्त रद्द करना होगी।’
यह खबर मुझे मेरे एक पड़ोसी के बेटे ने बताई, जो अभी 7वीं कक्षा में पढ़ता है। वो अपने चाचा (अप्रैल में विदेश से आने वाले हैं) को लेकर पूरे परिवार के साथ गर्मियों में रेल यात्रा करने के लिए तैयार था। जब मैंने उससे पूछा कि उसे यह खबर कहां से मिली तो उसने भोलेपन से बताया ‘टीवी से’! वह वायरस के फैलने के कारण चिंतित नहीं था, क्योंकि उसे इसकी ज्यादा समझ नहीं है, लेकिन वह इसलिए चिंतित था, क्योंकि उसकी गर्मी की छुट्टी बर्बाद हो रही है।
भारत ने पहले ही सभी पर्यटक वीजा रद्द कर दिए हैं और सभी यात्रियों पर 14 दिवसीय संगरोधन (क्वॉरंटीन) लागू किया है, जिसमें सूचीबद्ध देशों से वापस आने वाले भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों के लिए कोरोना वायरस से निपटने के लिए ऐसे व्यापक उपाय अपनाना अनिवार्य हो गया है। लेकिन बच्चों द्वारा टीवी पर देखे जाने वाले समाचार पर नजर रखना माता-पिता की जिम्मेदारी है, ये बच्चे के दिमाग पर गहरे असर और घबराहट का कारण बन सकता है।
इस संक्रमण के डर से युवाओं में चिंता बढ़ती जा रही है। महत्वपूर्ण यह है कि छोटे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को इससे बुरी तरह से प्रभावित होने से बचाना होगा। वर्तमान स्थिति के कारण पहले ही दुनियाभर में कई सार्वजनिक स्थानों और सामाजिक समारोहों को बंद कर दिया गया है, साथ ही 31 मार्च तक कई भारतीय शहरों में स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं। कुछ राज्यों ने सार्वजनिक सभाओं पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। हाई सोसाइटी ने अपने बच्चों को सोसाइटी के भीतर पार्क और खेल के मैदान में भेजना बंद कर दिया है, क्योंकि उन्हें नहीं पता कि हाल के दिनों में कौन-कौन विदेश यात्रा करके आया है। ऐसी स्थितियों में बच्चे 31 मार्च या जब तक स्थितियों पर कुछ स्पष्टता नहीं मिलती, तब तक 24 घंटे, सातों दिन के लिए घर में बंद हैं। उन बच्चों पर बोरियत पहले से ही सवार हो गई है जो लगातार टीवी देख रहे हैं।
बाल विशेषज्ञ का मानना है कि बच्चे अपने आसपास की चीजों को लेकर दिमाग पर बड़ा प्रभाव अनुभव करते हैं। इसलिए माता-पिता की जिम्मेदारी है कि बच्चों के आसपास बेहतर वातावरण बनाए रखें। उन पर कोरोना वायरस की जरूरत से ज्यादा जानकारी का बोझ न डालें। माता-पिता बच्चों को सोशल मीडिया या टीवी के समाचार देखने से रोकने के साथ अलग-अलग तरह की गतिविधियों में व्यस्त रखने का प्रयास करें। बच्चों को केवल जरूरी जानकारी ही दी जाए। सोशल मीडिया पोस्ट्स के शोर के लगातार संपर्क में आना उचित नहीं है, क्योंकि इससे चिंता पैदा हो सकती है। कुछ स्कूलों ने पहले से काउंसलर की आंतरिक टीम को रणनीति बनाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें दोबारा स्कूल खुलने पर छात्रों के मन में उठने वाले किसी भी तरह के प्रश्न का समाधान करने की योजना है।
फंडा यह है कि बच्चों के दिमाग पर कोरोना वायरस के डर के असर को कम करने के लिए उनसे अलग-अलग संवाद और चर्चा करने की जरूरत है, ताकि घर पर सकारात्मक वातावरण बना रहे।
इंस्टाग्राम के सुपरस्टार बने हुए हैं बी-टाउन के पेट्स
बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के पेट्स का इंस्टाग्राम पर स्टारडम भी किसी सितारे से कम नहीं। देखें एक झलक-
सलमान, आमिर, अक्षय की फिल्में प्रभावित
Áजॉन अब्राहम की ‘सत्यमेव जयते 2’ की शूटिंग वाई में थी, टल गई है।
Áसलमान की ‘राधे’ के गानों की शूटिंग 29 मार्च के बाद ही हो सकेगी।
Áआमिर की ‘लाल सिंह चड्ढा’ का अगला दिल्ली शेड्यूल टल चुका है।
Áअक्षय ने समय रहते पृथ्वीराज चौहान की शूट राजस्थान में पूरी कर ली।
Áकुल तीन दर्जन फिल्में, वेब शोज और सीरियलों की शूटिंग प्रभावित।
कोरोना से जुड़ी सोमवार की अपडेट्स
Á‘जेम्स बॉन्ड : क्वांटम ऑफ सोलेस’ फेम एक्ट्रेस और मॉडल ओल्गा Áकुरीलेन्को ने भी कोरोना वायरस से पीड़ित होने की बात का खुलासा किया है।
Áधर्मा प्रोडक्शन ने अपने यहां सारा प्रशासकीय काम निलंबित कर दिया है।
Áसाजिद नाडियाडवाला ने अपने स्टाफ को सात दिन की पेड लीव दे दी है।
Áविश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के प्रति जागरुकता बढ़ाने #SafeHands चैलेंज शुरू किया और इसके लिए प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और अरनॉल्ड स्वॉर्जनेगर को टैग किया है।
Á लॉक डाउन होने के बाद कटरीना ने घर पर बहनों के साथ वक्त बिताया।
राज्यों में क्लाेज्ड स्क्रीन्स
Áदिल्ली- 156
Áतेलंगाना - 200
Áजम्मू 70-80
Áबिहार- 269
Áमप्र - 201
बड़ी फिल्मों का प्रॉफिट रिलीज डेट का मोहताज होता है। उस हिसाब से ही उनका शूटिंग शेड्यूल निपटाया जाता है। अब शूटिंग लॉक डाउन से मनचाही रिलीज डेट नहीं मिलेंगी। इससे उनकी भारी-भरकम बजट की रिकवरी अनिश्चित हो जाएगी। डिस्ट्रीब्यूटर्स और एग्जीबिटर्स को ये 150 या 200 करोड़ में नहीं बिकेंगी। यह इन फिल्मों का इनडायरेक्ट और बड़ा अार्थिक नुकसान है। असल घाटा छोटे और मीडियम बजट की प्रोड्यूसर्स को है। मौजूदा समय में वैसी 60 से 70 फिल्में शूट हो रही हैं। शूटिंग थमने से इन 60 से 70 फिल्मों में काम करने वाले आर्टिस्टों की डेट्स आगे मिल पाना मुश्किल है। फिल्म बनने में देरी होगी तो उसकी रिलीज पर वैसे ही तलवार लटक जाएगी। ऐसे प्रोड्यूसर्स दरअसल ब्याज पर पैसे लेकर फिल्में बनाते हैं। सूद की दर 60 परसेंट सालाना होती है। रिलीज न होने की सूरत में सूद का पैसा पहाड़ बनकर प्रोड्यूसर्स पर आ जाएगा। यह घाटा 1000 करोड़ से भी ज्यादा है।
दो संकट सामने
Áहर प्रोड्यूसर का सबसे बड़ा संकट होगा कि नए शोज कहां से दें। टीवी वालों को तो रिपीट टेलीकास्ट ही करने होंगे।
Áजो रिलीज पोस्टपोन हुई हैं, उन्हें फेस्टिवल डेट मिलेगी या नहीं, तय नहीं है।
अभी जितनी स्क्रीन्स में प्रदर्शन रुका है, उससे रोजाना पांच करोड़ का नुकसान तय है। आगे और भी सिनेमाघरों के स्क्रीन बंद होते हैं तो नुकसान में इजाफा ही होना है। श्ूटिंग लॉक डाउन के बाद अगर इंडिया के सारे सिनेमाघरों में भी बंद की स्थिति आती हैं तो इससे सिनेमाघर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और टीवी चैनलों पर कुल 400 करोड़ की मार पड़ेगी। अभी तो इंडिया में आधे सिनेमाघर खुले हुए हैं। महाराष्ट्र में तीन चार सिटीज को छोड़ बाकी जगहों में सिनेमाघर खुले हुए हैं। यूपी में सिनेमाघर चल रहे हैं। तेलंगाना और कनार्टक छोड़ साउथ चालू है। हरियाणा, पंजाब, बंगाल में भी सिनेमाघर चालू हैं। अगर इंडिया के सारे सिनेमाघर बंद हो जाएं तो 10 करोड़ रोजाना और तकरीबन 50 करोड़ रुपए हर हफ्ते का नुकसान है।
इसे ढंग से ऐसे समझें
हर हफ्ते दो या तीन फिल्में चलती हैं। उनका पूरे इंडिया से कलेक्शन 10 से 11 करोड़ होता है। ऐसे में पूरी इंडिया के सिनेमाघर अगर 31 मार्च तक 15 दिनों के लिए भी बंद हुए तो 150 करोड़ का नुकसान है। डिजिटल प्लेटफॉर्म-टीवी चैनल्स पर नया कंटेंट न आए तो उनके विज्ञापन का लॉस होगा। ऐसे में सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म और टीवी चैनल्स का 250 करोड़ तक का नुकसान होगा। ऐसे में देखा जाए तो नुकसान 400 करोड़ तक होगा।
विभिन्न प्रकार के क्वॉरेंटाइन
शां ताराम की गांधीवादी फिल्म ‘दो आंखें बारह हाथ’ में एक खुली जेल में गुनाह और सजा को नए ढंग से परिभाषित करने का प्रयास किया गया। पारंपरिक जेलखानों में खतरनाक और हिंसा कैदियों को अंडाकार कक्ष में रखा जाता है। कक्ष अत्यंत छोटा होता और उसमें पसरा नहीं जा सकता। राजकुमार हिरानी की फिल्म ‘संजू’ में अंडाकार कक्ष प्रस्तुत किया गया था। इसी तरह अंग्रेजी में बनी फिल्म ‘शशांक रीडम्पशन’ में भी जेल जीवन पर प्रकाश डाला गया है। कभी-कभी पूरे देश को ही खुली जेल में बदल दिया जाता है। अघोषित आपातकाल भी होता है।
पुरातन आख्यानों में कोप भवन का विवरण है। परिवार का सदस्य अपनी नाराजगी जताने के लिए कोप भवन में बैठ जाता था। मिल-जुलकर समाधान खोजा जाता था। मुगल बादशाह अकबर ने मनुष्य की स्वाभाविक भाषा को जानने के लिए एक ‘गूंगा महल’ बनवाया था, जिसमें सेवक चाकरों को आदेश था कि एक भी शब्द नहीं बोलें। वे जानना चाहते थे कि मनुष्य की स्वाभाविक भाषा क्या है। ‘गूंगा महल’ में जन्मा शिशु, सियार, गीदड़ आदि जानवरों की भाषा बोलने लगा, क्योंकि उसने केवल यही सुना था। सारांश यह है कि मनुष्य अपने आसपास जो भाषा सुनता है, वही भाषा बोलने लगता है।
क्वॉरेंटाइन शब्द सुर्खियों में है, इसका शाब्दिक अर्थ तो 40 दिन अलग-थलग रहना है। यह भी एक प्रकार की जेल है। सन् 1918 में ‘इन्फ्लूएंजा’ नामक वायरस से विश्व की 27 प्रतिशत आबादी प्रभावित हुई थी। क्या उस महामारी को पहले विश्व युद्ध का प्रभाव माना जा सकता है?
युद्ध समस्या है, वह समाधान कैसे हो सकता है? उस महामारी को जाने क्यों ‘स्पैनिश इन्फ्लूएंजा’ कहा जाता था। संभवत: उस महामारी का प्रारंभ स्पेन में हुआ था। ज्ञातव्य है कि महान लेखक हेमिंग्वे स्पेन के ग्रह युद्ध में स्वेच्छा से शामिल हुए थे। बाद में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि स्पैनिश भाषा में सबसे अधिक मौलिक अपशब्द हैं और इसी भाषा की रक्षा के लिए वे बेगानी शादी में अब्दुल्ला की तरह कूद गए थे। दक्षिण अफ्रीका में यलो फीवर नामक बीमारी के कारण वहां आए हर यात्री को अपने देश में वैक्सीनेशन कराना होता है। वर्तमान में भी यह सावधानी बरतनी होती है। कोरोना की शंका होने पर मेडिकल आइसोलेशन को ही क्वॉरेंटाइन में रखना कहा जा रहा है। इस तरह अलग-थलग रखा जाना भी एक सजा की तरह है, जबकि आपने कोई अपराध नहीं किया है। अगर क्वॉरेंटाइन में रखे व्यक्ति से उसका मोबाइल भी जब्त कर लिया जाए तो उससे सजा काटे न कटेगी। संवादहीनता भी एक भयावह समस्या है। कुछ लोग बिना खाए रह सकते हैं, परंतु बोलने पर लगी पाबंदी सहन नहीं होती।
राजनीतिक सत्ता की हू तू तू में दल बदलने वालों को भी एक तरह के क्वॉरेंटाइन में ही रखा जाता है। उन्हें सबके सामने कैसे लाया जा सकता है। यह संभव है कि इस अंतराल में उनके विचार बदल गए हों। यह खेल मेंढकों को तौलने की तरह कठिन है। लोकसभा और विधानसभाओं में राजनीतिक दल अपने सदस्यों को एक आदेश देती है जिसे ‘व्हिप’ कहते हैं। ‘व्हिप’ का अर्थ है कि कोई अपनी निजी राय नहीं रख सकता। दरअसल, सारी व्यवस्थाएं व्यक्तिगत स्वतंत्र सोच-विचार के खिलाफ हैं। उन्हें भेड़ें चाहिए, तोते चाहिए या उस तरह के मनुष्य जिन्हें झुनझुने की तरह बजाया जा सकता है। मनुष्य का अवचेतन भी क्वॉरेंटाइन कक्ष की तरह रचा जा सकता है। मशीनों की तरह मनुष्य का उत्पादन भी किया जा सकता है। वैचारिक रेजीमेंटेशन इसी को कहते हैं। एक अदृश्य सा रहने वाला ‘व्हिप’ सदैव जारी रहता है। हवा में सरसराते कोड़ों की आवाज दसों दिशाओं में गूंज रही है।
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु [raghu@dbcorp.in]
कैसे बिगड़ा गणित
दाे बड़ी फिल्मों के उदाहरण से समझें
सूर्यवंशी: यह 24 मार्च को रिलीज हो रही थी। 24 मार्च के बाद गुड़ी पड़वा और बाकी त्योहारों की छुट्टियां थीं। आगे तीन अप्रैल से लेकर 10 अप्रैल तक छोटे बजट की फिल्म थी। ऐसे में सूर्यवंशी के पास तीन हफ्ते तक तकरीबन सोलो रिलीज का गोल्डन चांस था। ऐसे में उसे निश्चित 300 से 400 करोड़ कमाने का चांस था। आगे किसी और डेट पर रिलीज होगी तो तय है कि उसकी कमाई इतनी नहीं होगी।’
राधे: राधे ईद तक शेड्यूल्ड थी। अब चूंकि कई बड़ी फिल्मों की रिलीज टल चुकी है तो वे भी तब चली आएंगी। ऑलरेडी राधे के साथ लक्ष्मी बॉम्ब का क्लैश है ही। मल्टीपल रिलीज की सिचुएशन में राधे और लक्ष्मी बॉम्ब दोनों की ओपनिंग अफेक्ट होगी। सलमान की ओपनिंग 23 से 34 करोड़ तक जाती है। वह यकीनन सिमट कर 12 से 15 करोड़ तक रह जाएगी। ऐसे में डेली बेसिस पर राधे को 10 करोड़ का नुकसान है। यह सब थिएटर बंदी और शूटिंग अफेक्ट होने का ही साइड इफेक्ट होगा।
सिनेमाघर, डिजिटल प्लेटफॉर्म, चैनलों के नुकसान का आकलन
निर्माता कंपनियों व प्रोड्यूसर्स के नुकसान का आकलन
जयप्रकाश चौकसे, फिल्म समीक्षक
ग्लैमर**
फिल्म फेडरेशन संस्था के अनुसार।
सुहाना ने \"ओपन फॉर ऑल\' किया इंस्टाग्राम अकाउंट**
शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान अक्सर अपनी तस्वीरों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। उन्होंने हाल ही में अपना इंस्टाग्राम अकाउंट पब्लिक किया है। बता दें कि सुहाना का यह अकाउंट पुराना है और अब तक उनकी तस्वीरें सिर्फ वो ही लोग देख सकते थे जिनकी रिक्वेस्ट उन्होंने एक्सेप्ट की हो, पर अब उन्होंने इसे पब्लिक के लिए ओपन कर दिया है। हालांकि उन्होंने इस पर कमेंट सेक्शन को बंद रखा है। इसके चलते कोई भी फॉलोअर उनकी तस्वीर पर कमेंट नहीं कर सकेगा और वे ट्रोलिंग से बची रहेंगी।
 मैनेजमेंट फंडा एन. रघुरामन की आवाज में मोबाइल पर सुनने के लिए 9190000071 पर मिस्ड कॉल करें।
मैनेजमेंट फंडा**
राधा : अदा शर्मा की बिल्ली
इंस्टा हैंडल- अदा की राधा
फॉलोअर्स- 26.9 हजार
अकाउंट वेरिफाइड है।
लुसीफर : रवीना का पमेरियन डॉग
फॉलोअर्स- 1000 से अधिक फॉलोवर्स हैं।
बेला, जैस्मिन, गोकू और किट्टी : दिशा पटानी के चार पालतू जानवर(दो कुत्ते,दो बिल्लियां)
फॉलोअर्स- 21.1 हजार
एडवर्ड भट्ट : आलिया भट्ट की सफेद पर्शियन बिल्ली।
प्रोफाइल- \"भट्टएडवर्ड\'
सिया एंड बेली: जॉन अब्राहम के डॉग्स सिया और बैली
इंस्टा अकाउंट- \"अब्राहम बैली\'
फॉलोअर्स - 15.1 हजार से अधिक
डायना चोपड़ा: प्रियंका चोपड़ा की पपी साल 2016 में गोद लिया।
इंस्टा हैंडल- \"डायरीज ऑफ डायना\'
कुल पोस्ट- 220
फॉलोअर्स-149000
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फरीदाबाद, मंगलवार 17 मार्च, 2020 |
डायना पेंटी ने एक फैशन शो पर डिजाइनर दिया राजवीर का कलेक्शन शोकेस किया। वे फ्लोरल प्रिटेंड आउटफिट में दिखीं। इसके साथ उन्होंने रजवाड़ा ज्वैलरी के ईयरिंग्स और हील्स पेयर किए।
diana penty**
fashion
world
हाल में कराए फोटोशूट के दौरान एक्ट्रेसेस ने जो ड्रेसेस कैरी किए उनके फैशन सेंस की काफी तारीफ हुईं। आप भी जानिए उन्होंने क्या पहना...
Taapsee pannu
तापसी पन्नू ने डिजाइनर गौरांग शाह की साड़ी में यह फाेटोशूट करवाया। हाथों से बुनी गई इस फ्लोरल साड़ी के साथ उन्होंने फुल स्लीव्स वाला ब्लाउज कैरी किया।
nushrat bharucha
नुसरत भरूचा इस ब्राइडल फोटोशूट में डिजाइनर संजुक्ता दत्ता के कोचर लहंगे में नजर आ रही हैं। स्टाइलिंग संजय कुमार दौहलिया ने की।
radhika madan
राधिका मदान अग्रिमा बत्रा के ऑरेंज आउटफिट्स में नजर आईं। उनकी स्टाइलिंग सुकृति ग्रोवर ने की और हेयरस्टाइलिंग रितिका वत्स की है।
disha patani
दिशा पाटनी ने यह फोटो शेयर करते हुए \"मलंग\' की शूटिंग के दिनों काे याद किया पर फैंस ने कमेंट कर उनके फैशन की तारीफ की। उन्होंने शॉर्ट्स पर जैकेट टाई की है।
Áमहाराष्ट्र- 500
Áराजस्थान- 270
Áनोएडा - 50
Áकेरल - 400
Áकर्नाटक -300
देश में कुल स्क्रीन्स - 6000
एडवायजरी के चलते बंद- 3500
इलस्ट्रेशन: सुरोजीत देबनाथ
एक्सपर्ट रिपोर्टिंग: शूटिंग रुकने से फिल्मोद्योग के नुकसान की खबर कवर कर रहे हैं इस क्षेत्र के दो विशेषज्ञ**
अभी जितनी स्क्रीन्स में प्रदर्शन रुका है, उससे रोजाना पांच करोड़ का नुकसान तय है। आगे और भी सिनेमाघरों के स्क्रीन बंद होते हैं तो नुकसान में इजाफा ही होना है। श्ूटिंग लॉक डाउन के बाद अगर इंडिया के सारे सिनेमाघरों में भी बंद की स्थिति आती हैं तो इससे सिनेमाघर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और टीवी चैनलों पर कुल 400 करोड़ की मार पड़ेगी। अभी तो इंडिया में आधे सिनेमाघर खुले हुए हैं। महाराष्ट्र में तीन चार सिटीज को छोड़ बाकी जगहों में सिनेमाघर खुले हुए हैं।
कोरोनावायरस के चलते एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में पूरी तरह से लॉक डाउन कर दिया गया है। फिल्म प्रदर्शन तो पहले ही रोका जा चुका है, अब शूटिंग बंद किए जाने की स्थिति में सभी निर्माण संस्थाओं का लगभग 1000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होना तय है।
बड़ी फिल्मों का प्रॉफिट रिलीज डेट का मोहताज होता है। उस हिसाब से ही उनका शूटिंग शेड्यूल निपटाया जाता है। अब शूटिंग लॉक डाउन से मनचाही रिलीज डेट नहीं मिलेंगी। इससे उनकी भारी-भरकम बजट की रिकवरी अनिश्चित हो जाएगी। डिस्ट्रीब्यूटर्स और एग्जीबिटर्स को ये 150 या 200 करोड़ में नहीं बिकेंगी। यह इन फिल्मों का इनडायरेक्ट और बड़ा अार्थिक नुकसान है। असल घाटा छोटे और मीडियम बजट की प्रोड्यूसर्स को है। मौजूदा समय में वैसी 60 से 70 फिल्में शूट हो रही हैं। शूटिंग थमने से इन 60 से 70 फिल्मों में काम करने वाले आर्टिस्टों की डेट्स आगे मिल पाना मुश्किल है। फिल्म बनने में देरी होगी तो उसकी रिलीज पर वैसे ही तलवार लटक जाएगी। ऐसे प्रोड्यूसर्स दरअसल ब्याज पर पैसे लेकर फिल्में बनाते हैं। सूद की दर 60 परसेंट सालाना होती है। रिलीज न होने की सूरत में सूद का पैसा पहाड़ बनकर प्रोड्यूसर्स पर आ जाएगा। यह घाटा 1000 करोड़ से भी ज्यादा है।
ट्रेड विश्लेषक, पिछले 40 सालों से डिस्ट्रीब्यूशन में सक्रिय
राज बंसल**
प्रोड्यूसर्स की सबसे बड़ी संस्था इंपा के प्रेसिडेंट
टीपी अग्रवाल **
परदे के पीछे**
सारा अली खान अपने सोशल नेचर के लिए जानी जाती हैं। वे काफी सरलता से अपने फैंस से मिलती हैं। ऐसा ही कुछ नजारा हाल ही में वाराणसी की गलियाें में देखने को मिला। दरअसल सारा अपनी मां अमृता सिंह के साथ वाराणसी पहुंची थीं। यहां वे दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध शाम की गंगा आरती में शरीक हुईं। सारा ने पहले अपनी मां के साथ गंगा की आरती और पूजा-अर्चना की और इसके बाद वे वहां की गलियों में भी घूमीं।
सारा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें वे वाराणसी की गलियों में रिपोर्टर बनकर घूमती नजर आ रही हैं। इसमें वे लोगों को गली की दुकानों के बारे में भी बता रही हैं। मजेदार बात यह है कि इस पूरे वीडियो के दौरान वहां मौजूद लोग उन्हें पहचान ही नहीं पाए।
वीडियो शेयर करते हुए सारा ने लिखा,  नमस्ते दर्शकों बनारस की गलियों से... ओह कितना प्यारा दिन था। बहुत मजा किया, बहुत कम भुगतान किया। वाराणसी ही वो जगह है जहां कोई रह सकता है।’
मां संग गंगा आरती में शामिल हुईं सारा, रिपोर्टर बन घूमीं भी**
in varanasi...
एक अवॉर्ड समारोह के दौरान रणवीर सिंह से प्रशंसा पाने के बाद गोविंदा काफी भावुक हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर रणवीर को \"सुपरस्टार\' कहा है। गोविंदा बोले, \"मैंने आपका डांस देखा और जिस मूव के जरिए आपने मुझे सम्मान दिया। आप इस उद्योग के अगले सुपरस्टार बनें।\'
गोविंदा ने की रणवीर की तारीफ, बताया इंडस्ट्री का सुपरस्टार
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‘एक विलन 2’ में गाना गाएंगी तारा**
एक्ट्रेस तारा सुतारिया ने अब तक दो ही फिल्मों में काम किया है। हाल ही में उनकी तीसरी फिल्म ‘एक विलन 2’ की अनाउंसमेंट हुई है। इस फिल्म में तारा सिर्फ एक्टिंग ही नहीं बल्कि सिंगिंग भी करेंगी। एक्ट्रेस ने खुद इस बात का खुलासा करते हुए कहा- मुझे लगता है कि मैं फिल्मों में गाना गाने जा रही हूं। पिछले कुछ समय से ऐसा करने की कोशिश कर रही थी। अब मुझे गाने का मौका मिल रहा है और मैं इस बात को लेकर काफी एक्साइटेड भी हूं।
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