िसर्फ वही नकारात्मक खबर, जो आपको जानना जरूरी है
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हिसार | जींद के कालवन गांव में 26 फरवरी को शिवाईया पीर के भंडारे में श्रद्धालुओं पर हुए हमले में घायल हिसार के पाबड़ा गांव वासी धर्मेंद्र ने निजी अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार को दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों और पाबड़ा गांव के सरपंच प्रतिनिधि राजेश ढिल्लो का कहना है कि इस मामले में जींद के गढ़ी थाना में एफआईआर दर्ज है। इसके बावजूद एक भी आरोपी आज तक गिरफ्तार नहीं किया गया। शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। उन्होंने कहा कि जींद पुलिस जब तक आरोपियों को गिरफ्तारी नहीं करती तब तक न शव उठाएंगे न अंतिम संस्कार करेंगे।
जानकारी के अनुसार जींद के गढ़ी थाना पुलिस ने पाबड़ा वासी राजेंद्र की शिकायत पर केस नंबर-32 दर्ज किया था। आरोप लगाया था कि 26 फरवरी को परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों के साथ कालवन में शिवाईया पीर डेरे पर गया था। वहां भंडारा लगा रखा था। हम सभी ने वहां डेरा डाल लिया था। वहां पर मेरे चाचा दुनीचंद पूजा-अर्चना करते हैं। आरोप है कि वहां डीजे पर सभी नाच रहे थे कि 15-20 लोगों ने हथियारों से हमला कर दिया। इस दौरान धर्मेंद्र को घेरकर उसे बुरी तरह पीट डाला था। एक व्यक्ति ने तेजधार हथियार से हमला करके लहूलुहान कर दिया था। वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए। अाराेप है कि घायल धर्मेंद्र के अलावा सोरखी हांसी वासी बहन गुड्डी, राजेश, सचिन उपचार के लिए अस्पताल लेकर जा रहे थे। आरोप है कि उस दौरान भी हमलावरों ने रोककर हमला किया था। किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर अस्पताल पहुंचे थे। धर्मेंद्र को हिसार के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया था, जहां पर रविवार को उसने दम तोड़ दिया था।
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