जीआरपी के अधिकारियों व कर्मचारियाें की बदौलत अब नशे व चोरी, स्नेचिंग के आरोपी सुधरने लगे हैं। पिछले 2 साल की बात की जाए तो चोरी से लेकर नशीले पदार्थों की बिक्री करने वाले 12 से अधिक आरोपियों को जीआरपी ने अपराध के दलदल से बाहर निकाला है। अपराध नहीं करने के प्रति लगातार जागरूक करने के साथ अब उक्त युवा मुख्यधारा में लाैट आए हैं। कुछ ने रेहड़ी लगाकर मजदूरी कर व बाइक रिपेयरिंग कर परिवार का पालन पोषण करना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपी सुधारते हैं तो उनका ब्यौरा थानों में अलग से बनाए रजिस्टर में रखा जाता है। यही नहीं इनके माध्यम से फरार आरोपियों को पकड़वाने में भी पुलिस मदद मांगती है।
मामलों की बानगी : हर साल 10 से 15 आरोपियों को नशीले पदार्थ एवं चोरी के मामलों में पकड़ती है जीआरपी, थानाध्यक्ष बोले - कर्मचारियों के प्रयास से ही अपराध के दलदल से कराया मुक्त
- हिसार के ऋषि नगर का 30 वर्षीय एक युवक काे हिसार रेलवे स्टेशन के पास चोरी की वारदात करने पर जीआरपी ने उसे 6 माह पहले ही पकड़ा था। बाद में वह जमानत पर भी छूट गया। जीआरपी ने आरोपी पर नजर रखी। यही नहीं उससे लगातार आपराधिक घटनाएं नहीं करने की अपील की गई। जिसका असर यह हुआ कि आरोपी मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहा है। उसने जीआरपी को लिखित में भी दिया है कि वह कभी भी अपराध नहीं करेगा।
- 6 माह पूर्व ही हिसार रेलवे स्टेशन के पास ही रहने वाले एक युवक को पुलिस ने स्मैक के साथ पकड़ा था। जो पूर्व में भी तीन बार पकड़ा जा चुका था और खुलासा किया था कि वह शराब की बिक्री करता है। जीआरपी ने आरोपी से नशीले पदार्थों की बिक्री नहीं करने की अपील करते हुए उसकी एक तरह से काउंसिलिंग की। आरोपी नशीले पदार्थों की बिक्री करने की बजाय अब रेहड़ी लगाकर परिवार का गुजारा कर रहा है।
- हांसी के रहने वाले एक व्यक्ति को 7 माह पहले ही जीआरपी ने चोरी के आरोप में पकड़ा था। आरोपी ने खुलासा किया था कि वह स्मैक की बिक्री करता है हालांकि बाद में आरोपी को जमानत मिल गई थी। जीआरपी ने संपर्क कर आरोपी से अपराध नहीं करने की अपील की। जिससे वह अपराध के रास्ते को छेड़कर मुख्यधारा में लौटा और वर्तमान में आरोपी बाइक रिपेयरिंग की दुकान कर रहा है।
- 5 माह पूर्व हिसार के आजाद नगर के व्यक्ति को जीआरपी ने अवैध रूप से शराब की बिक्री के मामले में पकड़ा। जो पूर्व में भी 6 बार पकड़ा जा चुका है। अधिकारियों के निर्देश पर जीआरपी के अधिकारी व कर्मचारियों ने आरोपी के जमानत पर छूटने के बाद उससे शराब की बिक्री न करने की अपील की। अब आरोपी टायर पंक्चर की दुकान कर परिवार का गुजारा कर रहा है।
दो साल में 24 से अधिक को पकड़ा
यह मामले तो बानगी भर मात्र है। करीब दो साल में 12 ऐसे आरोपियों को जीआरपी ने सुधारा है, जो नशीले पदार्थों की बिक्री व चोरी के मामले में पकड़े गए थे। पिछले 2 साल में 24 से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
इस साल नशीले पदार्थों की बिक्री व नशा करने वाले 10 को जीआरपी ने पकड़ा था
जीआरपी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि इस साल नशीले पदार्थों की बिक्री व नशा करने वाले 10 आरोपियों को पकड़ा गया। नशेड़ियों के खिलाफ समय-समय अभियान चलाया जाता है। जिसके लिए कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
हमारा प्रयास है आरोपी को अपराध के दलदल से निकालना : प्रदीप यादव
प्रदीप कुमार यादव, इंस्पेक्टर, जीआरपी, हिसार ने कहा कि हर साल आरोपियों को पकड़ा जाता है। प्रयास रहता है कि फिर से आरोपी अपराध के दलदल में न डूबे, जिसको लेकर जमानत पर छूटने के बाद भी आरोपी पर जीआरपी नजर रखती है। यही नहीं आरोपी से हर माह उसके घर जाकर अपराध न करने की अपील की जाती है, जिसका असर यह हुआ है कि कई आरोपियों ने अपराध करना बंद कर दिया।
साथ ही परिवार के गुजारे के लिए रेहड़ी लगाने, बाइक रिपेयरिंग कर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है। आरोपियों को सुधारने में जीआरपी के सभी कर्मचारियों का अहम योगदान है।
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