लॉकडाउन के दौरान सेना ने सैन्य क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन बनाते हुए कई प्रमुख सड़काें को बंद कर दिया था। उम्मीद थी कि अनलॉक घोषित होने पर सड़कें खोल दी जाएंगी। मगर, ये सड़कें अब तक बंद हैं।
बता दें कि सेना क्षेत्र में किसी भी रोड को बंद करने से पहले कैंटोनमेंट बोर्ड के हाउस में प्रस्ताव पास कराना जरूरी होता है। मगर, यहां सेना ने कोविड-19 के दौरान कंटेनमेंट जोन बनाते हुए सड़काें को बाेर्ड की अनुमति के बिना ही बंद कर दिया था। अब बोर्ड पार्षद इसका विरोध करेंगे।
कैंटोनमेंट बोर्ड के उपाध्यक्ष अजय बवेजा ने कहा कि बोर्ड अध्यक्ष ने 20 जून को सदन में जल्द सड़कें खोलने का आश्वासन दिया था, जोकि पूरा नहीं हुआ। इससे लाेगाें काे परेशानी हो रही है। अब 2 दिन में सड़कें नहीं खुलती तो रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज को इसकी जानकारी दी जाएगी। सब-एरिया हेडक्वार्टर के जीओसी मेजर जनरल अनिल चौधरी के समक्ष भी मांग उठाई जाएगी।
इस समय सेना ने आधा दर्जन सड़कों को बैरियर लगाकर बंद किया हुआ है। हालांकि कैंटोनमेंट बोर्ड चाहे तो अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए कभी भी बंद सड़कों को खोल सकता है। मगर, बोर्ड अधिकारी भी किसी तरह टकराव या विवाद से बच रहे हैं।
सेना क्षेत्र में इन सड़क मार्गों पर लगे हैं बैरियर
- गीता गोपाल चौक से कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय रोड पर सप्लाई डिपोके समक्ष बैरियर लगाए गए हैं।
- डूरंड रोड पर आर्मी पब्लिक स्कूल के समक्ष बैरियर लगे हैं।
- तोपखाना पुलिस चौक के पास डूरंड रोड पर बैरियर लगे हैं।
- अंगूरा फार्म से खड्गा कैंटीन रोड पर कैंटीन के पास बैरियर लगे हैं।
- सेना क्षेत्र में श्याम नगर रोड पर बैरियर लगे हैं।
- सिविल अस्पताल से कुछ आगे हिल रोड पर बैरियर लगे हैं।
- माल रोड के एंट्री पाॅइंट तोपखाना बाजार के पास बैरियर हैं।
- नेपियर रोड पर एडीजीपी कार्यालय के पास बैरियर लगे हैं।
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