चोरी की लग्जरी गाडियों की फर्जी आरसी बनवा कर बेचने वाले गिरोह के सदस्य रमेश बामल ने खुलासा करते हुए बताया है कि वह सिर्फ आरसी ही बनवाता था। जबकि अमित व रमेश कुमार मेरठ, दिल्ली व यूपी के चाेरों के साथ मिले हुए हैं। जो उनसे चोरी की लग्जरी गाड़ियां लाकर बामल से फर्जी आरसी तैयार करवाते थे। एक गाड़ी की आरसी बनवाने की एवेज में बामल को 25 हजार रुपये मिलते थे। वहीं एसटीएफ ने रमेश बामल से चोरी की एक फॉर्च्यूनर, रिवाल्वर व एक लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। आरोपी को पांच दिन का रिमांड पूरा हो गया है जिसे सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
अमित व रमेश लाते थे चोरी की गाड़ियां, बामल का काम आरसी बनवाना : एसटीएफ के हत्थे चढ़े रमेश बामल ने बताया कि रैकेट के मुखिया जो चंडीगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़े हैं अमित व रमेश महम के मेरठ, दिल्ली व यूपी के चाेरों के साथ संपर्क हैं। वह चोरी की गाड़ी खरीद कर लाते थे। इसके बाद रमेश बामल उनकी फर्जी आरसी तैयार करवाया था। इस एक आरसी के लिए उसे कुल 50 हजार रुपये मिलते थे। जिसमें से 25 हजार वह खुद और 25 हजार रुपये व अथॉरिटी सदस्यों को देता था।
पांचों जगहों पर 300 चोरी की लग्जरी गाड़ियां बेची हुई : गुरुग्राम एसटीएफ ने बुधवार को रैकेट सदस्य रमेश बामल को दबोचा था। जिसने तुरंत 8 चोरी की लग्जरी गाड़ियां दादरी व महम से बरामद करवाई थी। लेकिन एसटीएफ की पूछताछ में बामल ने 20 और लग्जरी गाड़ियों के बारे में बताया है। यह चोरी की लग्जरी गाड़ियां दादरी, लोहारू, हिसार, रोहतक व गुरुग्राम में हैं। जो एसटीएफ की राडार पर आ गई हैं और इन्हें जल्द ही रिकवर किया जाएगा। वहीं आरोपी रमेश बामल ने यह भी बताया कि इन पांचों जगहों पर करीब 300 चोरी की लग्जरी गाड़ियां बेची हुई हैं।
अमित व रमेश के सहारे चोरी गिरोह तक पहुंचेगी एसटीएफ
आरोपी रमेश बामल ने बताया कि अमित व रमेश खासा के अंतरराज्य चोर गिरोह के साथ संपर्क हैं। जो उनसे चोरी की गाड़ियां खरीदते हैं। ऐसे में एसटीएफ ने न्यायालय से अपील कर जल्द अमित व रमेश खासा को प्रोडक्शन वारंट पर देने की डिमांड कर रखी है। जिनके मिलने पर चोरी की गाड़ियां रिकवर करने के साथ ही एसटीएफ अंतरराज्यीय चोर गिरोह तक भी पहुंचेगी।
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