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Sunday, 28 June 2020

खुद की तनख्वाह से हरियाली को बढ़ावा दे रहे हैं अतिथि अध्यापक हरजिंद्र कंबोज

बुढलाडा रोड निवासी एवं जाखनदादी प्राइमरी स्कूल के अतिथि अध्यापक हरजिंद्र कंबोज पर्यावरण को बढ़ावा देने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने के मिशन में जुटे हुए हैं। वे पिछले 10 साल से अपनी तनख्वाह का 10 प्रतिशत हिस्सा पौधे लगाने में खर्च करते आ रहे हैं और अब तक वे एक लाख पौधे लगा चुके हैं। इस साल उन्होंने एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। बाकायदा उन्होंने अपने खेत व बुढलाडा रोड पर खुद की नर्सरी भी बना रखी है, जहां वे विभिन्न तरह के पौधे तैयार करते हैं।

पौधे देश के विभिन्न प्रांतों, सामाजिक संगठनों, पंचायतों को नो प्रोफिट-नो लॉस पर पौधे उपलब्ध करवा रहे हैं। नर्सरी में जैसे ही पौधों की गाड़ी आती है तो वे 10 प्रतिशत पौधे फ्री वितरण को लेकर अलग से निकाल कर रख देते हैं। क्षेत्र के लोग उन्हें पर्यावरण प्रेमी के नाम से जानते हैं। उनके पर्यावरण प्रेम को देखते हुए उनके पिता भगवान दास कंबोज, उनके भाई हरदीश कंबोज व छिंद्रपाल भी उनसे प्रभावित हैं और अभियान में सहयोग कर रहे हैं।

स्कूल सौंदर्यीकरण में रहा प्रथम
अध्यापक हरजिंद्र सिंह जिस स्कूल में पढ़ाते हैं, वहा का स्कूल भी उनके प्रयासों से हरा-भरा रहता है। पहले वे लाली स्कूल में थे पिछले मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण योजना में भी उनका लाली स्कूल ब्लॉक स्तर पर प्रथम रह चुका है। इसके अलावा कक्षा तत्परता कार्यक्रम में उन्हें गोल्ड मेडल मिला है। अब जाखन दादी जीपीएस में हैं। उनके पर्यावरण प्रेम से हर कोई प्रभावित होता है। वे ग्रामीणों व बच्चों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित करते हैं।

इस साल एक लाख पौधे लगाएंगे
हरजिंद्र सिंह ने बताया कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस व अन्य राष्ट्रीय पर्व के साथ-साथ हर खुशी का कार्यक्रम वे पौधरोपण करके मनाते हैं। वे इस साल अब तक एक लाख पौधे लगवा चुके हैं और इस साल भी एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। उनके साथ देशभर की कई संस्थाएं जुड़ी हैं,। वे खुद भी वर्ल्ड प्लांट संस्था से जुड़े हुए हैं, जहां से उन्हें नए-नए पौधों की किस्मों, रखरखाव, वैरायटी, लाभ की जानकारियां व मार्गदर्शन मिलता रहता है।

10 प्रतिशत पौधे करते हैं दान
अध्यापक हरजिंद्र कंबोज ने बताया कि वे कलकत्ता, उत्तरप्रदेश, देहरादून, उत्तराखंड आदि प्रांतों से पौधे मंगवाते हैं। 10 प्रतिशत पौधे निशुल्क तौर पर धार्मिक स्थलों के लिए वितरित करते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण व हरियाली को बढ़ावा देना है। इसी को ध्यान में रखकर वे काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढते प्रदूषण के कारण वातावरण लगातार दूषित हो रहा है। इसी कारण ग्लोबल वार्मिंग व अन्य तरह की समस्याएं पैदा हो रही हैं।

अच्छा प्रयास है: गौरव
गौरव कुमार, ब्लॉक अधिकारी, वन विभाग ने कहा कि पर्यावरण का बचाने के लिए अध्यापक का अच्छा प्रयास है। इस तरह से अन्य लोगों को भी आगे आना चाहिए।



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पर्यावरण प्रेमी हरजिंद्र सिंह का सहयोग करते उनके पिता भगवान दास।


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