प्राॅपर्टी टैक्स छूट में एक दिन बाकी है। पार्षद प्रतिनिधि व लाेग कैंप से लेकर नगर निगम में चक्कर काट रहे हैं मगर उनका टैक्स भरवाने वाला काेई नहीं है। पार्षद प्रतिनिधि प्रवीन केडिया दाे दिन से 17 लाख रुपये लेकर घूम रहे हैं मगर टैक्स न भरवाए जाने के चलते गुरुवार काे भड़क गए। उन्हाेंने आराेप लगाया कि लाखों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स लेकर आने वाले पार्षदों के साथ बदतमीजी की जा रही है।
हालात इतने खराब हैं कि क्लास थ्री व क्लास फाेर के कर्मचारी भी पार्षदों को तू कहकर बात कर रहे हैं। भड़के पार्षद प्रतिनिधि ने मामले के बाद कमिश्नर व मेयर के पास काॅल कर दी और उन्हें इस बारे बताया। हालांकि कमिश्नर व मेयर ने शाम पांच से छह बजे तक उनका टैक्स भरवाने का आश्वासन दिया।
मेयर काे बाेले केडिया ऑपरेटर अधिकारी बन गया क्या: पार्षद प्रतिनिधि ने मेयर गौतम सरदाना को फोन कर शिकायत की। उन्हाेंने कहा कि काॅन्ट्रेक्ट पर लगा टेलीफोन ऑपरेटर जनप्रतिनिधियाें के साथ तू तड़ाक से बात करेगा। क्या वह अधिकारी हैं जाे यह बताएगा कि एक पार्षद के कितने बिल भरवाए जाएंगे। उन्हाेंने मेयर काे कहा कि या ताे यहां व्यवस्था सुधरवा दाे वरना जिन लाेगाें के बिल लेकर आया हूं वाे सुबह ईओ के कार्यालय के सामने धरना देंगे। उन्हाेंने इसी दाैरान पार्षद कविता केडिया काे माैके पर बुला लिया। मेयर ने उन्हें अधिकारियाें से बात कर रिप्लाई करने की बात कही।
बोले- बिल नहीं भरे जा सके, ऑपरेटर चक्कर कटवाता रहा
पार्षद प्रतिनिधि प्रवीन केडिया का आरोप था कि वह सुबह 9 बजे ही वार्ड के 50 से अधिक बिल एकत्रित करके निगम कार्यालय आए थे। इन बिलों से 17 लाख रुपये का टैक्स जमा होना है। एक दिन पहले 10 लाख रुपये लेकर बार-बार कार्यालय में इधर उधर चक्कर काटता रहा। गुरुवार काे भी पहले दोपहर 2 बजे का समय दिया गया। मगर साढ़े 3 बजे तक भी कोई बिल नहीं भरा गया। टेलीफोन ऑपरेटर उन्हें ई-दिशा केंद्र में ले गया। वहां भी बिल नहीं भरे जा सके। ऑपरेटर चक्कर कटवाता रहा।
100 टोकन दिए, 400 लोग थे
बिल न भरे जाने से परेशान पार्षद प्रतिनिधि ने आराेप लगाया कि नगर निगम कैंप लगाने व अतिरिक्त काउंटर लगाने का ड्रामा कर रहा है। कैंप में केवल 100 टाेकन दिए जा रहे हैं। वहां एक बार में 400 से ज्यादा लाेग एकत्रित हाे जाते हैं। निगम काे या ताे पहले ही एनाउंस करना चाहिए कि कैंप में केवल 100 लाेग ही पहुंचे ताकि जिनके बिल न भरे जा सकें उन्हें निराशा न मिले और समय खराब न हाे।
पार्षदों का मान-सम्मान हो
प्रवीन केडिया का मेरे पास फाेन आया है उनका गुस्सा जायज है। मैंने कमिश्नर को फोन कर पार्षदों से मान-सम्मान के साथ बिलों को जमा करवाने की व्यवस्था करवाने को कहा है। जिस कर्मचारी ने बदतमीजी की है उससे भी बात की जाएगी और डायरेक्शन दी जाएगी कि जनप्रतिनिधियाें से विनम्रता व सम्मान से बात करें।'' - गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम।
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