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Thursday, 2 July 2020

तीन माह में पहली बार एक दिन में 32 कोरोना पॉजिटिव मिले, सिविल अस्पताल के 3 डॉक्टर व 2 इंटर्न भी शामिल

3 महीने में ऐसा पहली बार हुआ है कि एक ही दिन में 32 कोरोना पाॅजिटिव केस झज्जर जिले में सामने आए हैं। इनमें झज्जर सिविल अस्पताल के 3 डॉक्टर, 2 इंटर्न डॉक्टर और एक क्लास फोर कर्मचारी भी शामिल है। इस तरह अब जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 297 हो गई है। हालांकि इनमें से 197 लोगाें की रिपोर्ट निगेटिव आई है, 4 की माैत हो चुकी है और अब कुल 96 एक्टिव केस बचे हैं।

बुधवार को चौंकाने वाली रिपोर्ट तब सामने आई जब नागरिक अस्पताल के 3 डॉक्टर, 2 प्रशिक्षु डॉक्टर, एक क्लास 4 कर्मचारी की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ये सभी इमरजेंसी वार्ड में तैनात थे। इस प्रकार सुबह से शाम तक पॉजिटिव मरीजों का जो आंकड़ा सामने आया उसके अनुसार 32 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इनमें सबसे ज्यादा झज्जर से ही रहे जबकि बहादुरगढ़ से 7 केस सामने आए। झज्जर सिटी थाने का एक हेड कांस्टेबल भी कोरोना पाॅजिटिव मिला है। अब जिले में कुल 297 पॉजिटिव केस सामने आए हैं।

हालांकि इनमें से 197 लोग निगेटिव होकर घर भी जा चुके हैं और एक्टिव केसों की संख्या अभी 96 बनी हुई है। जो अब भी स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय है। नागरिक अस्पताल से जो डॉक्टर इंटर्न पॉजिटिव केस के रूप में सामने आए हैं। उन्हें रोहतक पीजीआई भेजने की बजाय घर पर ही क्वाॅरेंटाइन कर दिया गया है।

ओपीडी बंद होने पर वापस लौटे मरीज

अहम बात यह रही गुरुवार को जब जिले के विभिन्न क्षेत्रों से मरीज सिविल अस्पताल झज्जर में अपना इलाज कराने आए तो ओपीडी उन्हें बंद मिली। परेशान मरीजों ने जब पूछताछ की तो पता चला कि सिविल अस्पताल झज्जर से कोरोना पॉजिटिव के छह केस सामने आए हैं। लिहाजा ओपीडी बंद कर दी गई है। इसके बाद यह मरीज जो दूरदराज के इलाकों से आए थे उन्हें वापस लौटना पड़ा। शहर से ही डेढ़ साल के एक बच्चे को डॉक्टर को दिखाने आई महिला ने बताया कि वह अपने बच्चे के पेट दर्द को लेकर परेशान हैं और यहां आकर पता चला कि ओपीडी ही बंद है। शिशु रोग ओपीडी पर ताला लटका है।

इसी प्रकार बहु झोलरी से अपनी त्वचा संबंधी समस्या को लेकर झज्जर आए युवक रोहित ने बताया कि बहु झोलरी में कोई स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है और परामर्श भी ठीक ढंग से नहीं मिलता। तब वो गुरुवार को किसी भी तरह झज्जर आया लेकिन यहां भी ओपीडी बंद होने से उसे निराशा मिली। इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र लेने आए लोग भी वापस लौटे। इस तरह सुबह से लेकर दोपहर ओपीडी के समय तक काफी मरीज जाए और बिना इलाज के हुए ही उन्हें वापस लौटना पड़ा।

सब्जी मंडी के रेंडम सैंपल के बाद सबसे ज्यादा 400 टेस्ट लिए

शहर में मार्च माह के बाद यह दूसरा मौका रहा जब झज्जर सिविल अस्पताल में सबसे ज्यादा कोरोना के 400 से ज्यादा सैंपल यहां स्वास्थ्य कर्मचारियों ने लिए। दरअसल सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों के पॉजिटिव केस सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अपने सभी ब्रांच ओपीडी स्टाफ समेत विभिन्न कर्मचारियों के सैंपल लिए। इसके अलावा जो रूटीन में सैंपल हो रहे थे उनको मिलाकर 400 से ज्यादा सैंपल गुरुवार को लिए गए। इससे पहले 500 के करीब सैंपल मार्च महीने में सब्जी मंडी दुकानदारों और मजदूरों के लिए गए थे।

समूचा अस्पताल हुआ सेनिटाइज, आज खुलेगी ओपीडी

सिविल सर्जन डॉक्टर संजय दहिया ने इस बात को स्पष्ट किया कि झज्जर सिविल अस्पताल में 6 केस पॉजिटिव मिलने के बाद सुबह से दोपहर तक समूचे नागरिक अस्पताल कैंपस और विभिन्न विभागों को सेनिटाइज किया गया। लिहाजा ओपीडी और अन्य सुविधा प्रभावित हुई, लेकिन शुक्रवार को सभी ओपीडी और सभी विभाग पहले की तरह खुलेंगे। रोगी सेवा सुचारु रहेगी।

पीएचसी और सीएचसी में भी कर रहे टेस्ट, लोगों को किया जा रहा जागरूक

सीएमओ डॉक्टर संजय दहिया ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि हमारा मकसद अब ज्यादा से ज्यादा कोरोना वायरस के सैंपल टेस्ट करने का है। जितने ज्यादा टेस्ट होंगे उतने ही ज्यादा काेराेना पॉजिटिव सामने आएंगे और उन्हें आइसोलेट करके वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। इसी कड़ी में अब सीएचसी और पीएचसी लेवल पर एक कैटेगरी के टेस्ट शुरू कर दिए गए हैं। यह वह कैटेगरी है जब किसी भी शख्स को खांसी, जुकाम नहीं है, बुखार भी नहीं है और वह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है या उसकी कोई केस हिस्ट्री मिली है तब इस तरह के केसों को भी हम टेस्ट कर रहे हैं जो ए कैटेगरी में आते हैं।

सीएमओ ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी लेवल पर हम आम नागरिकों को भी आह्वान करते हैं कि उन्हें थोड़ा सा भी अगर कोई लक्षण नजर आता है तो वह अपने टेस्ट इन सेंटरों पर आकर करवाएं, ताकि वायरस को और फैलने से रोका जा सके डॉक्टर दहिया ने बताया कि वायरस के बारे में लोगों में दहशत और डर ज्यादा है। जबकि जागरूकता के चलते इसे फैलने से रोका जा सकता है।



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For the first time in three months, 32 corona positives were found in a day, including 3 doctors and 2 interns of civil hospital.


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