जिला में पंचायत चुनाव के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ हो गई है। गुरुवार से जिला में पंचायतीराज संस्थाओं के आरक्षण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी जिसके तहत पहले दिन बावल खंड की 73 पंचायतों के पंच व सरंपचों के लिए सीटों का आरक्षण होगा। आरक्षण तय होने के बाद ही गांवों में सरगर्मियां तेज हो जाएगी। बावल के बाद 4 जुलाई को रेवाड़ी व नाहड़, 6 जुलाई को डहीना, 7 जुलाई को खोल, 8 जुलाई को धारूहेड़ा व 9 जुलाई को जाटूसाना की पंचायतों का ड्रा निकाला जाएगा।
जिले की सभी सात खंड का कार्यक्रम तय किए जाने के बाद प्रशासन की तरफ से अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग के अलावा सामान्य वर्ग की महिलाओं के सीट आरक्षण ड्रा के जरिए किया जाएगा। आरक्षण का ड्रा संबंधित खंड के एसडीएम की मौजूदगी में निकाला जाएगा।
बावल में नई पंचायत गठन का कोई प्रस्ताव नहीं
जिला में धारूहेड़ा व डहीना खंड के गठन के बाद अब पंचायत समितियों की संख्या 5 से बढ़कर सात हो गई है। धारूहेड़ा खंड का गठन बावल व रेवाड़ी की पंचायतों को मिलाकर कुल 52 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसी तरह डहीना पंचायत समिति के अधीन 37 पंचायतों को दिया गया जिसमें खोल व जाटूसाना की पंचायतों को इस नए खंड में शामिल किया गया है। हालांकि इन खंडों के गठन के बाद पंचायतों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और इस बार 358 पंचायतों ही रहेंगी।
बावल खंड से भी इस बार किसी भी पंचायत की तरफ से नई पंचायत के गठन का प्रस्ताव नहीं है और न ही अन्य खंडों की तरफ से है। इसके चलते प्रशासन की तरफ सभी 358 पंचायतों के लिए आरक्षण का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। गुरुवार को बावल खंड की पंचायतों का आरक्षण तय होने के बाद शुक्रवार को रेवाड़ी व नाहड़ खंड में आरक्षण का ड्रा निकाला जाएगा
रेवाड़ी-बावल व कोसली में निकाल जाएंगे
बावल बीडीपीओ धर्मपाल ने बताया कि बावल खंड की पंचायतों का ड्रा 2 जुलाई को एसडीएम कार्यालय में निकाल जाएगा। वहीं रेवाड़ी एसडीएम रविंद्र यादव ने बताया कि तय तिथि को दोपहर 12 बजे रेवाड़ी, डहीना, खोल व धारूहेड़ा की ग्राम पंचायतों के आरक्षण का ड्रा निकाल सचिवालय के रूम नंबर-124 में निकाला जाएगा। नाहड़ का ड्रा कोसली एसडीएम कार्यालय में निकाला जाएगा।
जनवरी में समाप्त होगा कार्यकाल लेकिन सरगर्मी तेज: पूरे राज्य में वर्ष 2016 में पंचायत चुनाव हुए थे हालांकि पंचायतों का कार्यकाल जुलाई 2015 में ही पूरा हो चुका था लेकिन सरकार ने बिल लाकर छह माह बाद चुनाव कराए थे। इसकी वजह से पंचायतों का कार्यकाल भी जनवरी 2021 में ही समाप्त होगा लेकिन उससे पहले आरक्षण से लेकर अन्य प्रक्रियाएं प्रारंभ कर दी गई है। पंचायतों के आरक्षण के बाद पंचायत समिति और उसके बाद जिला परिषद के वार्डों का आरक्षण होगा। पंचायत का आरक्षण प्रक्रिया प्रारंभ होते ही दावेदारों की तरफ से वोटरों को अपने पक्ष में करना शुरू कर दिया है।
धारूहेड़ा-डहीना की वार्डबंदी का नोटिफिकेशन नहीं: जिला में गठित की गई पंचायत समिति धारूहेड़ा व डहीना की भी अभी वार्डबंदी होनी है। यह वार्डबंदी पंचायत समिति के आरक्षण का ड्रा निकालने से पहले की जानी है लेकिन अभी तक पंचायत विभाग की तरफ से इसके लिए नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। नोटिफिकेशन होने के बाद ही यह तय होगा कि दोनों पंचायत समितियों में कितने वार्ड होंगे और उनमें कौन-कौन से गांव रहेंगे।
बावल में नई पंचायत गठन का कोई प्रस्ताव नहीं
जिला में धारूहेड़ा व डहीना खंड के गठन के बाद अब पंचायत समितियों की संख्या 5 से बढ़कर सात हो गई है। धारूहेड़ा खंड का गठन बावल व रेवाड़ी की पंचायतों को मिलाकर कुल 52 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसी तरह डहीना पंचायत समिति के अधीन 37 पंचायतों को दिया गया जिसमें खोल व जाटूसाना की पंचायतों को इस नए खंड में शामिल किया गया है। हालांकि इन खंडों के गठन के बाद पंचायतों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और इस बार 358 पंचायतों ही रहेंगी।
बावल खंड से भी इस बार किसी भी पंचायत की तरफ से नई पंचायत के गठन का प्रस्ताव नहीं है और न ही अन्य खंडों की तरफ से है। इसके चलते प्रशासन की तरफ सभी 358 पंचायतों के लिए आरक्षण का कार्यक्रम तय कर दिया गया है। गुरुवार को बावल खंड की पंचायतों का आरक्षण तय होने के बाद शुक्रवार को रेवाड़ी व नाहड़ खंड में आरक्षण का ड्रा निकाला जाएगा
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