हरियाणाा शारीरिक शिक्षकों की नौकरी बहाली मांग का मजदूर कर्मचारी शोषण मुक्ति मोर्चा ने समर्थन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। शुक्रवार को क्रमिक अनशन पर ब्लॉक बवानीखेड़ा से मनोहर लाल, सुमित सैनी, सतीश कुमार, कर्मजीत सिंह बैठे। धरने की अध्यक्षता विनोद कुमार सांगा व मंच संचालन राजेश श्योराण लोहारू व मनजीत ग्रेवाल ने किया।
पूर्व कर्मचारी किसान मजदूर शोषण मुक्ति मोर्चा के प्रधान राम सिंह शेखावत, राय सिंह श्योराण, सुमेर सिंह गिगनाऊ, रविंद्र कासवा, पृथ्वी सिंह गोठड़ा, राम अवतार नंबरदार ने कहा कि सरकार को अपनी हठधर्मिता को छोड़कर सबसे पहले मरने वाले पीटीआई की पत्नी को मिल रहे वेतन को बहाल करना चाहिए। जिससे उन्हें इस महामारी में दो वक्त की रोटी नसीब हो सके। दूसरी तरफ 2010 में लगे 1983 पीटीआई अध्यापकों को उनके 10 वर्ष का अनुभव व हरियाणा का नाम खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा विधायक शक्तियां लाकर इन्हें 1 जून 2020 से इनकी पुन: बहाल करें।
चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने इन्हें बहाल नहीं किया तो ये सभी अध्यापक खाप पंचायत, राजनीतिक संगठन, कर्मचारी संगठन, युवा क्लबों के माध्यम 2024 के चुनाव में सरकार के खिलाफ का काम करेंगे। हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के जिला प्रधान दिलबाग जांगड़ा ने बताया कि 18 जुलाई को जींद में होने वाले पीटीआई बहाली सम्मेलन में भिवानी की सभी खाप, पंचायत कर्मचारी संगठन, राजनीतिक संगठन, युवा क्लब, ग्राम पंचायत, ब्लॉक समिति मेंबर जिला परिषद सदस्य भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि 1983 पीटीआई में ऐसे 400 पीटीआई अध्यापक हैं जो डीपीई पद पर प्रमोशन ले चुके हैं।
38 पीटीआई दिवंगत हो चुके हैं, 25 विधवा अध्यापक, 34 दिव्यांग, 49 एक्स सर्विसमैन, 68 दूसरे विभागों को छोड़कर आए कर्मचारी, 20 रिटायर्ड अध्यापक और 80 प्रतिशत के लगभग 45 वर्ष पूरे कर चुके हैं अब वह ऐसी स्थिति में जाएं तो कहां पर जाएं। इस अवसर पर राज सिंह घनघस, अतर सिंह मलिक, सज्जन सिंगला, महेंद्र सिंह श्योराण, सूरजभान जटासरा, भूपेेंद्र चाहर, जयबीर कासनिया, संदीप सांगवान, राजेश लांबा, सज्जन सांगा, सहदेव रंगा आदि कर्मचारी उपस्थित थे।
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