प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के मिलने वाली सहायता राशि में एक व्यक्ति ने 30 लाख का फर्जीवाड़ा कर दिया। करीब एक माह पहले उचाना ब्लाक में करीब 8 लाख 65 हजार का यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था, जिसपर 15 दिन पहले आरोपी अतुल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अभी पुलिस उसे गिरफ्तार भी नहीं कर पाई कि जींद ब्लाक में 21 लाख 90 हजार का फर्जीवाड़ा मिला है। इसमें आरोपी अतुल है। आरोपी ने सीडीपीओ का आईडी और पासवर्ड चुराकर फर्जी फाॅर्म भरकर यह गबन किया है।
जिस तरह से उचाना ब्लॉक में सीडीपीओ की आईडी, पासवर्ड चुराकर भरे गए फर्जी फार्मो को मंजूरी दे दी गई उसी तरह से जींद ब्लॉक के 9 सर्कल में 438 महिलाओं के नाम से फर्जी फाॅर्म भरकर उनको सीडीपीओ की आईडी से अप्रूव कर दिया गया। इस दौरान कुल 21.90 लाख रुपए की राशि सरकार से फर्जी लाभार्थियों के खाते में पहुंच गई। इस पर सीडीपीओ मीना शर्मा ने 21 जुलाई को सिविल लाइन थाना पुलिस में मामले की लिखित शिकायत दी लेकिन इस पर आरोपी के खिलाफ अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हो पाई।
लॉकडाउन में फाॅर्म भरकर निकाली गई राशि
सीडीपीओ की आईडी और पासवर्ड चुराकर लॉकडाउन के दौरान फर्जी फाॅर्म भरकर उन्हें अप्रूव किया गया। कार्यालयों के न खुलने के कारण किसी कर्मचारी को भनक नहीं लगी। जबकि रोजाना खेल होता रहा। योजना के तहत महिला के गर्भवती होने और बच्चा पैदा होने के 700 दिन में पांच हजार रुपए की सहायता राशि देने का प्रावधान है।
इसको दो हजार की दो और एक हजार एक किस्त में या एक साथ यह राशि मिल सकती है। आरोपी ने इस प्रावधान का खूब फायदा उठाया। इसमें कई सीएससी सेंटर संचालकों के भी शामिल होने की आशंका है। क्योंकि गांवों में महिलाओं के बैंक खाते से लेकर आधार कार्ड तक की काफी जानकारी उनके पास होती है और फर्जी लाभार्थियों से मिलीभगत कर आसानी से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया।
जांच चल रही है। आरोपी ने पहले डिस्ट्रिक कोर्ट में अग्रिम बेल लगाई थी अब उसने हाईकोर्ट में लगाई है। इस पर जल्द ही कार्रवाई की जा एगी। कृष्ण कुमार, थाना प्रभारी उचाना।
सीडीपीओ ने शिकायत दी है। कितना फर्जीवाड़ा हुआ। इसकी जानकारी नहीं थी। उनको डिटेल देने के लिए कहा गया था। यह सब आते ही कार्रवाई की जाएगी। राजपाल सिंह, सिविल लाइन थाना प्रभारी जींद।
फर्जीवाड़ा सामने आते ही 21 जुलाई को पुलिस को शिकायत दे दी थी, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। एसपी को शिकायत भेज रहे हैं ताकि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। मीना शर्मा, सीडीपीओ जींद।
जींद के किस सर्कल में कितने फर्जी फाॅर्म भरकर निकाले गए रुपए

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