माॅनसून की हुई पहली अच्छी बारिश से शहर में विकास कार्यों के नाम पर मनमर्जी से खोदी गई सड़कें गुरुवार को नदी और नाले की तरह नजर आईं। जो सड़कें ठीक थीं निकासी की पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण वे भी 3 से 4 घंटे नहर की तरह नजर आ रही थीं। सड़कों का जो हाल बना था उससेे कहीं बुरा हाल शहर के कई काॅलोनियों की गली में बना था। कई जगहों पर लोगों के घरों तक पानी घुस गया। इतना सब कुछ होने के बाद भी अधिकारी समस्या का समाधान करने की बजाय एक-दूसरे को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
अमरुत योजना में बिना प्लानिंग के हो रहे काम के कारण बनी सड़कों की दुर्दशा : शहर की कई सड़कों, काॅलोनियों की इन दिनों जो दुर्दशा बनी हुई है। उसके लिए अमरुत योजना के तहत सीवरेज पाइप लाइन दबाने का बिना प्लानिंग के चल रहा कार्य है। कहां क्या हो रहा है इसकी मॉनिटरिंग तक नहीं हो रही।
काॅन्ट्रैक्टर जहां मर्जी से सड़क उखाड़ रहा है। बीच में कई-कई दिनों तक काम बंद हो रहा है। जहां पाइप लाइन दबाए गए हैं वहां भी मेन हॉल नहीं बनाए गए। इसके चलते खस्ताहाल हुई सड़क को संबंधित विभाग बना नहीं पा रहा। पिछले दिनों में मिनी बाईपास पर पाइप लाइन दबाने का काम पूरा हुआ लेकिन अब बरसात का सीजन आने के कारण सड़क निर्माण में बाधा आ रही है। इसी तरह से सफीदों रोड पर बारिश का सीजन आने के कारण पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण कार्य सुचारू रूप से नहीं कर पा रही।
समाधान के बजाय झाड़ रहे पल्ला: अब नगर परिषद ने जन स्वास्थ्य विभाग पर फोड़ा ज्यादा सड़क खोदने का ठीकरा, बोले एक मीटर की मांगी थी अनुमति, खोद दी 4 मीटर
जींद | बिना योजना के सड़कों को उखाड़ने से लोग परेशान हैं और अधिकारी एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। रोहतक रोड की गलत खुदाई के लिए पीडब्ल्यूडी ने नगर परिषद को नोटिस दिया है। अब नगर परिषद ने जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बताते हुए उससे स्पष्टीकरण मांगा है। नगर परिषद का कहना है कि जन स्वास्थ्य विभाग ने एक मीटर की जगह मौखिक रूप से मांगी थी। उसकी बजाय 4 मीटर चौड़ा गड्ढा खोद डाला। गुरुवार को नगर परिषद ने स्पष्टीकरण पत्र जारी कर दिया है।
नगर परिषद के ईओ का कहना है कि वह अपना पक्ष शुक्रवार को होने वाली बैठक में रखेंगे ताकि सच्चाई का पता चल सके। यहां बता दे कि दो दिन पहले पीडब्ल्यूडी की तरफ से नगर परिषद को नोटिस जारी किया था। इसमें रोहतक रोड पर अतिरिक्त सड़क खाेदने पर कार्रवाई की बात कही गई थी। नोटिस मिलने के बाद अब नगर परिषद भी हरकत में आ चुका है और उसने इस पूरे मामले में जन स्वास्थ्य विभाग को दोषी ठहराया है।
जन स्वास्थ्य विभाग ने मौखिक रूप से मीटर की परमीशन ली थी और चार मीटर चौड़ी खुदाई कर डाली। स्पष्टीकरण मांगा गया है। शुक्रवार को होने वाली बैठक में पूरा मामला रखा जाएगा। डॉ. एसके चौहान, ईओ, नगर परिषद, जींद
रोहतक रोड पर सीवरेज का काम हो चुका है। जितनी रोड कट की जरूरत थी, उसकी परमीशन पीडब्ल्यूडी से ली थी। बाकी हमारे विभाग ने नहीं उखाड़ा, न ही नप से अनुमति ली है। सतीश नैन, एसडीओ, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, जींद।
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