सीआरएसयू में लगेगा एक हजार मेगावाट का सोलर प्लांट, 9 रु. की बजाय अब मिलेगी 3 रुपए 33 पैसे प्रति यूनिट बिजली - OTA BREAKING NEWS

Breaking

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Thursday, 30 July 2020

सीआरएसयू में लगेगा एक हजार मेगावाट का सोलर प्लांट, 9 रु. की बजाय अब मिलेगी 3 रुपए 33 पैसे प्रति यूनिट बिजली

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में जल्द ही एक हजार मेगावाट का सोलर प्लांट लगेगा। इसके लिए विवि प्रशासन ने सोलर एनर्जी कार्पोरेशन ऑफ इंडिया से बातचीत की है। सैगी की टीम द्वारा बाकायदा विवि में साइट विजिट की जा चुकी है। अगले एक सप्ताह में इस सोलर प्लांट को लेकर फाइनल बात हो जाएगी।

अब तक विश्वविद्यालय को बिजली निगम की तरफ से बिजली प्रदान की जाती है, जबकि सोलर प्लांट लगने के बाद विवि को खुद की बिजली मिल सकेगी। यह सोलर प्लांट सैगी की ऑथराइज्ड एजेंसी द्वारा लगाया जाएगा। सोलर प्लांट लगाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से केवल एजेंसी को जगह मुहैया करवाई जाएगी और प्लांट का पूरा खर्चा संबंधित एजेंसी द्वारा वहन किया जाएगा।

सोलर प्लांट लगने के बाद काफी सस्ती बिजली विश्वविद्यालय प्रशासन को मिल सकेगी। कंपनी की तरफ से पूरी बातचीत फाइनल हो चुकी है और अगले माह में इस पर काम शुरू होने की भी संभावना है। जो एजेंसी सोलर प्लांट लगाएगी, वह 25 साल तक उसका रखरखाव करेगी। 25 साल के बाद फ्री ऑफ कास्ट यह प्लांट विश्वविद्यालय को सुपुर्द कर दिया जाएगा। उसके बाद विश्वविद्यालय खुद अपने हिसाब से इस प्लांट का रखरखाव करेगा। प्लांट लगने से हर माह लाखों रुपए बिजली बिल के बचेंगे।

70 प्रतिशत बिजली का बिल का खर्च बचेगा
इस समय विश्वविद्यालय का हर छह माह में 48 लाख रुपए का बिजली का बिल आता है। यह बिल प्रति यूनिट के हिसाब से 9 से 10 रुपए में पढ़ता है। सोलर प्लांट लगने के बाद एजेंसी द्वारा विश्वविद्यालय को केवल 3 रुपए 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली चार्ज वसूलेगी। ऐसे में 70 प्रतिशत बिजली का बिल का खर्च बचेगा।

लोड बढ़वाने के लिए किया आवेदन : जिस परिसर में सोलर प्लांट लगता है, उसी लोड के अनुसार ही उसे मंजूरी मिलती है। इस समय विश्वविद्यालय का बिजली का लोड 450 किलोवाट है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक हजार मेगावाट के लिए बिजली निगम को आवेदन कर दिया है। जल्द ही इसकी मंजूरी विवि प्रशासन को मिल जाएगी। उसके बाद यहां 1 हजार मेगावाट का सोलर प्लांट लग सकेगा।

विश्वविद्यालय परिसर में एक हजार मेगावाट का सोलर प्लांट लगाए जाने का प्रपोजल है। इसके लिए सैगी की टीम विवि में साइट विजिट कर चुकी है। प्लांट लगने से बिजली पर हर माह आने वाला लाखों का खर्चा हजारों में हो जाएगा। साथ ही भविष्य में खुद विवि का सोलर प्लांट भी बनेगा। प्रो. राजेश पूनिया, रजिस्ट्रार, सीआरएसयू, जींद।

70 प्रतिशत बिजली का बिल का खर्च बचेगा
इस समय विश्वविद्यालय का हर छह माह में 48 लाख रुपए का बिजली का बिल आता है। यह बिल प्रति यूनिट के हिसाब से 9 से 10 रुपए में पढ़ता है। सोलर प्लांट लगने के बाद एजेंसी द्वारा विश्वविद्यालय को केवल 3 रुपए 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली चार्ज वसूलेगी। ऐसे में 70 प्रतिशत बिजली का बिल का खर्च बचेगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
जींद. चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3fcRpV9

ADD











Pages