जींद-रोहतक राजमार्ग पर सोमवार शाम को अनूपगढ़ बाईपास के फ्लाईओवर के नीचे साइड में खड़ी खराब कार पर तेज रफ्तार से पीछे से आया ट्रक चढ़ गया। इसमें कार में सवार एक 12 वर्षीय बच्चे लक्की की मौके पर ही माैत हाे गई, जबकि उसकी मां पूनम देवी (40) ने पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान दम ताेड़ दिया।
हादसे में बच्चे की नानी गंभीर रूप से घायल हो गई। कार के पास खड़े मामा को भी इस दौरान चोट आई हैं। आसपास के लोगों ने करीब 20 मिनट बाद क्रेन मंगवाकर कार पर चढ़े ट्रक को हटाया और घायल को अस्पताल पहुंचाया। सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जांच शुरू कर दी है।
सोमवार को जुलाना के वार्ड 6 निवासी लीलू अपनी 60 वर्षीय मां सुनहरी देवी जिसे अधरंग की शिकायत थी उसको एक देसी वैध से दिखाने के लिए अपनी बहन की ससुराल बनियाखेड़ा गांव गया हुआ था। शाम को उसके साथ उसकी बहन पूनम देवी व भांजा 12 वर्षीय लक्की भी जुलाना आने के लिए कार में सवार में हो लिए। जब वे जींद-रोहतक राजमार्ग पर अनूपगढ़ गांव के पास बाईपास फ्लाईओवर के नीचे पहुंचे तो अचानक लीलू की कार खराब हो गई। लीलू कार से नीचे उतर कर फोन पर बात करने लगा। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार से आया एक ट्रक उसकी कार पर चढ़ गया।
इस दौरान लीलू ने भागकर जान बचाई और उसे चोटें भी आई। इस हादसे के बाद लीलू चिल्लाया और आसपास में मौजूद ट्रक बॉडी फैक्ट्री से लोग मौके की तरफ दाैड़े और क्रेन को मंगवाकर कार पर चढ़े ट्रक को हटाया और घायलों को बाहर निकाला। इस दौरान 12 वर्षीय बच्चे लक्की की मौत हो चुकी थी। जबकि मां-बेटी की हालत गंभीर बनी हुई थी। बाद में दोनों को पीजीआई रोहतक रेफर किया गया जहां पर पूनम देवी की मौत हो गई। सदर थाना प्रभारी दिनेश कुमार का कहना है कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
साइड में खड़ी थी कार, ट्रक की थी तेज स्पीड
मैं सोमवार शाम को अपनी मां को बनियाखेड़ा से दवा दिलाकर कार से घर लौट रहा था। अनूपगढ़ गांव के पास पहुंचते ही अचानक कार खराब हो गई। कार में उसका भांजा, मां व बहन बैठे हुए थे, जबकि वह हादसे से एक मिनट पहले ही कार से नीचे उतरकर फोन पर मिस्त्री से बात कर रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार से पीछे से आ रहा ट्रक उनकी कार पर चढ़ गया। उसने पहले खुद को बचाया और फिर ट्रक के नीचे दबी मां, बहन व भांजे को निकालने के लिए शोर मचाया।
कुछ ही देर में लोगों की मौके पर भीड़ लग गई और नीचे दबी मां, बहन व भांजे को निकालने के प्रयास किए गए लेकिन इस दौरान निकाला नहीं जा सका। बाद में पास की एक फैक्ट्री से क्रेन मंगवाई गई और उसके बाद ट्रक को हटाया गया। उसके भांजे की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि मां व बहन गंभीर थीं। (जैसा हादसे के चश्मदीद एवं कार चालक लीलू ने दैनिक भास्कर संवाददाता को बताया)
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3g4sUuE