कोरोना काल में तीन अनोखे मामले सामने आए हैं। एक तो यह कि मॉडर्न लैब की रिपोर्ट में व्यक्ति निगेटिव है मगर कोविड-19 पोर्टल पर पॉजिटिव चढ़ा दिया। दूसरे मामले में विभाग की तरफ से रावलवास खुर्द गांव की एक महिला के पाॅजिटिव मिलने के बारे में उसके घर काॅल कर बताया गया था। मगर सास की बात झूठ मानकर संक्रमित बहू नवजात बच्ची को गोद में उठाए पति संग रिपोर्ट जानने अस्पताल पहुंच गई, जहां रिपाेर्ट पाॅजिटिव मिलने पर स्टाफ में हड़कंप मच गया। इसके बाद महिला, उसकी बच्ची व पति को आइसोलेट करवा दिया।
वहीं, हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी में एक शख्स के घर हेल्थ व पुलिस टीम पहुंच गई। उसने तर्क दिया कि जब मैंने टेस्ट ही नहीं करवाया तो पॉजिटिव कैसे। इन मामलाें पर स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया। लैब का कारनामा देखकर नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं। हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी के मामले में विभाग की तरफ से सच्चाई का पता लगाया जा रहा है। हालांकि व्यक्ति ने सिविल सर्जन को लिखे पत्र में गलतफहमी होने की बात कही है।
हेल्थ टीम का फेल्योर, रोगी को ट्रेस कर आइसोलेट नहीं किया
रावलवास खुर्द गांव में संक्रमित महिला को स्थानीय हेल्थ टीम ट्रेस नहीं कर पाई। उनकी लापरवाही के कारण महिला अपनी नवजात बच्ची को गोद में लेकर रिपोर्ट जानने के लिए सिविल अस्पताल पहुंच गई। जिस पर सास ने बताया था कि बहू तुम्हारी रिपोर्ट पॉजिटिव है मगर उसकी बात पर विश्वास नहीं किया था। ऐसे में वह कैंटीन में बैठी। इस दौरान सुकून सेंटर में गई। फिर इधर-उधर भी घूमी। रिपोर्ट नहीं मिलने पर मलेरिया विभाग के परिसर स्थित पेड़ के नीचे बैठ गई थी।
इस दौरान हेल्थ अफसरों को पता चला कि रावलवास की जिस महिला काे आइसोलेट होना चाहिए था वह अस्पताल में घूम रही है। तुरंत कर्मी को बुलाकर महिला, उसके बच्चे व पति को आइसोलेशन वार्ड में भिजवा दिया। बता दें कि बच्ची की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। वहीं, पति भी अपना सैंपल देना चाहता था। यह स्थिति पैदा ही नहीं होती अगर संक्रमित मिलने के तुरंत बाद हेल्थ टीम महिला को उसके घर से आइसोलेट करवा दिया। इसकी काॅन्टेक्ट व ट्रेवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है।
सीएमओ को पत्र लिखा- समस्या का निदान करें
सिरसा रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी में अनोखा वाकया हुआ है। करीब 25-26 वर्षीय युवक के घर हेल्थ व पुलिस टीम पहुंच गई। युवक ने पूछा कि क्यों आए हो। बताया कि आप संक्रमित हो। युवक ने कहा कि मैंने देश में कहीं भी सैंपल ही नहीं दिया तो रिपोर्ट कहां से आ गई। युवक बोला कि गलतफहमी हुई है। मैं जागरूक नागरिक हूं। पढ़ा-लिखा हूं। अगर मुझे तकलीफ है। बीमारी है तो छुपाने का सवाल ही नहीं उठता।
मुझे अपने साथ-साथ परिवार व अन्य लोगाें के स्वास्थ्य की चिंता है। अगर मैंने सैंपल दिया होता और संक्रमित मिलता तो इलाज जरूर करवाता। इसको लेकर दुविधा का माहौल रहा। इस संबंध में युवक ने सीएमओ को पत्र लिखकर बताया कि स्वास्थ्य विभाग को कोई गलत जानकारी मिली है। दुविधा का निदान करें।
आप पॉजिटिव हैं सुनकर चौंक गया व्यक्ति
शहर के एक इलाके में रहने वाले करीब 40 वर्षीय व्यक्ति ने मॉडर्न डाइग्नोस्टिक एंड रिसर्च लैब से कोविड टेस्ट करवाया था। लैब ने निगेटिव रिपोर्ट जारी की हुई है मगर कोविड-19 पोर्टल में उसे पॉजिटिव दर्शा दिया। यह देखकर हेल्थ टीम ने व्यक्ति से संपर्क किया। उसे बताया कि आप पॉजिटिव हैं। यह सुनकर वह चौंक गया। बोले कि गलत सूचना है। मेरे पास निगेटिव की रिपोर्ट है जोकि मॉडर्न लैब ने जारी की है। उसे हेल्थ टीम ने बताया कि मॉडर्न लैब ने पोर्टल पर पॉजिटिव रिपोर्ट दर्ज कर रखी है। हेल्थ अफसरों ने मामले पर संज्ञान लेकर लैब संचालक को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगने के दिशा-निर्देश दिए हैं।
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