जींद चुंगी पर पीसीआर से कुचल कर युवक रविंद्र रंगा की मौत के मामले में पुलिस कर्मचारियों पर बेशक हत्या का मामला दर्ज हुआ है। मगर अभियोग हत्या का नहीं, बल्कि दुर्घटना का चलेगा। वह भी एक पर। मामले में छानबीन के बाद एफएसएल ने एसआईटी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
रिपोर्ट में मौत का कारण एक्सीडेंटल बताया गया है। जांच के अनुसार अब पीसीआर चलाने वाले पुलिसकर्मी पर पुलिस हत्या की बजाय एक्सीडेंटल मामला चलाएगी। मामले में एफएसएल ने मौके पर जाकर सभी पहलुओं की जांच की थी। एफएसएल ने सोमवार को दस पेज की रिपोर्ट तैयार करके मामले में जांच कर रही एसआईटी को सौंप दी।
एसआईटी अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई करेगी। रिपोर्ट में रविंद्र रंगा की मौत का कारण एक्सीडेंटल मतलब दुर्घटना का बताया गया है। जिसमें एक्सिडेंट के तहत लगने वाली धाराओं के आधार पर ही कार्रवाई होगी। इसमें लगी हत्या व अन्य धाराओं को हटाया जा सकता है। घटना 11 जुलाई की है। गंगन खेड़ी का 24 वर्षीय युवक रविंद्र रंगा शाम करीब सवा 6 बजे बाइक पर गांव लौट रहा था। वह हांसी में जींद चुंगी के पास पहुंचा तो उसके पास एक पीसीआर आकर रुकी। वह चालान कटने के डर से बाइक भगाने लगा।
पुलिस ने पीछा किया तो करीब 100 मीटर दूर उसका संतुलन बिगड़ गया और वह साथ में एक बिजली पोल से जा टकराया। जिसके बाद पीछा कर रही पीसीआर ने उसे कुचल दिया। पुलिस वाले उसे पीसीआर से सिविल अस्पताल ले गए, जहां से उसे हिसार रेफर कर दिया गया। पुलिस कर्मचारियों द्वारा ही उसके परिजनों को सूचना दी गई।
हिसार में उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। पहले पुलिसकर्मियों ने परिजनों बताया कि रविंद्र की मौत खंभे से टकराने के कारण हुई है। बाद में सीसीटीवी फुटेज सामने आई जिसमें साफ दिख रहा था कि पीसीआर का पिछला पहिया उसे रौंदता हुआ गया है। फुटेज सामने आने पर परिजन बिफर गए। उन्होंने लघु सचिवालय के सामने शव रखकर परिजनों ने धरना शुरू कर दिया। परिजनों ने धारा 302 जोड़ने, एससी एसटी एक्ट लगाने, आरोपी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने व मुआवजा दिलवाने की मांग की।
मौके पर डीएसपी धर्मबीर सिंह उन्हें समझाने पहुंचे और परिजनों की मांग पर मामले में धारा 302 जोड़ी व एससी एसटी एक्ट लगाने के आदेश दिए। फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने पीसीआर में तैनात एक ईएसआई, दो सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया था। बाद में पीसीआर इंचार्ज ईएसआई राजबीर को सस्पेंड किया गया है। बाकी दोनों सिपाही लाइन हाजिर हैं।
पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार ईएसआई राजबीर ही घटना के दौरान पीसीआर चला रहा था। अब उस पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। वहीं एसपी ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। एसआईटी का इंचार्ज डीएसपी विनोद शंकर को बनाया गया। एसआईटी में इंस्पेक्टर व अनाज मंडी चौकी इंचार्ज को शामिल किया गया।
रिपोर्ट आ गई है, गिरफ्तार करेंगे : इंचार्ज एसआईटी
एफएसएल की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट की स्टडी कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार घटना एक्सीडेंटल है। अब जो पीसीआर चला रहा था, उस पर एक्सीडेंटल केस के तहत कार्रवाई करेंगे। जो भी पीसीआर को चला रहा था उसे गिरफ्तार करेंगे।'' विनोद शंकर, डीएसपी व इंचार्ज एसआईटी
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