दी गगसीना प्राथमिक कृषि सहकारी समिति के कर्मचारियों पर लाखों रुपए गबन करने का आरोप है। 6 दर्जन से अधिक सदस्यों ने उनके एकाउंट में हुई धोखाधड़ी की शिकायत की है। पैक्स में हुआ घोटाला उजागर होने के बाद समिति के सदस्य अपने खाते चेक करवाने पहुंच रहे हैं। घपले का शिकार हुए लोगों ने समिति के कर्मचारियों पर जालसाजी और गबन के आरोप लगाए हैं। गगसीना गांव में 1500 रुपए सदस्यों वाली कृषि सहकारी समिति की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
पैक्स सदस्यों का आरोप है कि समिति के कर्मचारियों ने मिलीभगत करके सैकड़ों किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। किसानों के खातों में जितना ऋण दिखाया जा रहा है, वास्तव में उतना लोन किसानों को मिला ही नहीं। समिति कर्मचारियों ने फर्जी तरीके से लोन लिमिट बढ़ाकर और किसानों के खाते से लाखों रुपए निकाल लिए। करीब एक माह पहले पद संंभालने वाले समिति के इंचार्ज दया राम ने बताया कि रोजाना समिति के मेंबर अपने खाते की जानकारी लेने पहुंच रहे है। किसानों के खातों में नकद व खाद दवाई का ऋण बकाया है लेकिन सदस्यों का कहना है कि उनके एकाउंट में दर्शाए जा रही राशि उन्होंने समिति से ली ही नहीं।
कई समिति सदस्यों ने की है धोखाधड़ी की शिकायत
समिति से जुड़े काफी किसानों की तरफ पिछला ऋण बकाया है। 60 से 70 समिति सदस्य धोखाधड़ी की शिकायत भी लेकर आ चुके हैं। इतने सदस्यों के साथ धोखाधड़ी कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना नहीं हो सकती। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पूरा मामला लाया गया है। दया राम, इंचार्ज कृषि सहकारी समिति।
जांच के बाद पता चलेगा गड़बड़ी में कौन शामिल है
दी गगसीना प्राथमिक कृषि सहकारी समिति की तरफ भुगतान बकाया है। इस बारे में पत्र लिखा गया है। किसानों का लेनदेन सहकारी समिति के माध्यम से होता है। कुछ खातों में गड़बड़ी की शिकायत की है। लेनदेन की जांच के बाद ही मालुम होगा कि गड़बड़ी में किन कर्मचारियों की संलिप्तता हैं। तेजबीर संधू, प्रबंधक को-ऑपरेटिव बैंक।
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