बरवाला के गांव खेदड़ स्थित पाबड़ा मार्ग पर करीब 2 माह पहले मासूम 3 वर्षीय ममता और एक वर्षीय किरण की गला काटकर हत्या करने के मामले में आरोपी मां चराया की आवाज लौट आई है। उसने बताया कि मेरी देवरानी कहीं चली गई थी। उसकी निगरानी न करने पर सास, देवर और पति ने बहुत पीटा था।
उसकी रंजिश में प्रताड़ना जारी रहे। 24 मई को पति अहमद और देवर ठाकर काम पर चले गए थे। कुछ देर बाद लौट आए थे। उस समय करीब 10-11 बजे होंगे। देवर ठाकर और पति अहमद ने मुझे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। पास ही दोनों बच्चियां सो रही थीं। उन्होंने पहले मुझे डंडे से मारा इसके बाद चाकू से बच्चियों का गला काट दिया था। फिर मेरा गला काटने का प्रयास हुआ। एक बार पूरी तरह सफल नहीं होने पर दूसरी बार फिर से काट दिया। इसके बाद वहां से भाग गए थे। मैंने अपनी बच्चियों को नहीं मारा है।
बता दें कि घायल अवस्था में चराया इशारों से दो लोगों की वारदात में संलिप्तता बयां कर रही थी। वही बात अब बोलकर बता रही है। ऐसे में यह स्वस्थ है। इसे मंगलवार को डिस्चार्ज किया जा सकता है। अस्पताल से बरवाला पुलिस हिरासत में लेकर तफ्तीश में शामिल करेगी। उससे दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम देने के पीछे की वजह जानने का प्रयास रहेगा। हालांकि पुलिस अभी तक की जांच में बच्चियों की हत्या करने में चराया की संलिप्तता मान रही है।
बता दें कि सिविल अस्पताल के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. विमल जैन ने तीन सर्जरी करके न सिर्फ चराया का जीवन बचाया बल्कि उसकी 90 फीसदी आवाज को लौटाने में अहम भूमिका निभाई है। डॉक्टर का आज भी मानना है कि इतनी गहराई में कोई अपना गला नहीं काट सकता है, जितना चराया का कटा हुआ था। हालांकि पुलिस की जांच क्या खुलासा करती है, यह वक्त बताएगा।
फिलहाल पुलिस को डॉक्टर की बात पर विश्वास
पुलिस को जब सूचना मिली कि झोपड़ी में वारदात हुई है तो टीम पहुंची थी। वहां एक डॉक्टर मिला था, जिसे आसपास मौजूद लोग बुलाकर लाए थे। उसने पुलिस को बताया था कि चराया के पति को लोगों ने पीटना शुरू कर दिया था। तब वह बोली थी कि मैंने गला काटा है। हालांकि चराया का इलाज करने वाले ईएनटी सर्जन की मानें तो जब उसका गला कटा था तब वह बोलने की स्थिति में बिल्कुल नहीं थी। आज भी पूरी तरह आवाज नहीं लौटी है। फिलहाल पुलिस को डाॅक्टर की बात पर विश्वास और परिस्थितिजनक साक्ष्यों पर विश्वास है।
पति दुर्घटना में गंवा चुका है जान, इससे चराया है अनजान
सेक्टर 16-17 रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन पुल के पास बाइक सवार मूलत: राजस्थान वासी मजदूर अहमद को डंपर ने कुचल दिया था। उसकी मौके पर मौत हो गई थी। पति सड़क दुर्घटना में जान गंवा चुका है इससे चराया अनजान है। परिजनों ने उसे नहीं बताया है कि दो बेटियों के बाद पति अहमद भी साथ छोड़ गया है। 24 जून को अहमद की शिकायत पर बरवाला थाना में पत्नी चराया के खिलाफ बच्चियों की हत्या करने और खुद का गला काटकर आत्महत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ था।
वहीं चराया के भाई हनुमान ने बताया था कि वारदात से कुछ घंटे पूर्व सुबह 8 बजे चराया ने मुझे फोन किया था। उसने बताया था कि पिछले तीन दिनों से घर में झगड़ा हो रहा था। मुझे यहां से ले जाओ। मैंने कहा कि आज-आज रुक जा। कल आकर ले जाएंगे। वह बोली कि नहीं...वरना मुझे पति काट डालेगा। इसके कुछ घंटे बाद तो पुलिस ने फोन करके हिसार ही बुला लिया था। यहां आए तो भांजियों की हत्या व चराया के घायल होने का पता चला था। आरोप लगाया था कि पहले भी अहमद शराब पीकर झगड़ा करता रहा है। परिवार स्तर पर पंचायत बुलाकर मामलों का निपटान करते रहे थे।
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