पुलिस महकमे में 2008 में इंस्पेक्टर रैंक पर सीधी भर्ती हुई थी, लेकिन प्रमोशन का मामला लटक गया। इसलिए इंस्पेक्टर प्रमोशन के लिए हाईकोर्ट में पहुंच गए थे। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को इंस्पेक्टर को प्रमोशन करने के आदेश दिए थे। इसी मामले को लेकर सभी इंस्पेक्टर शुक्रवार को गृहमंत्री अनिल विज से मिले। विज ने कहा कि करीब 7 साल की लड़ाई के बाद इंस्पेक्टर कोर्ट से लड़ाई लड़कर आए थे।
इनकी अतिरिक्त होम सेक्रेटरी और एसीएस होम ने डीपीसी करके डीएसपी की प्रमोशन के लिए रिकमेंड कर दिया था। यह फाइल मेरे पास भी आई थी, जिसे रिकमेंड कर दिया था। फाइल मुख्यमंत्री के पास भेज दी थी जहां से छोटे-मोटे ऑब्जेक्शन लगकर फाइल दोबारा वापस आ गई है। एएसीएस होम को आदेश दे दिए गए हैं कि फाइल के ऑब्जेक्शन एक दिन में दूर करके मुख्यमंत्री को दोबारा भेजी जाए, ताकि इंस्पेक्टर का डीएसपी बनने का रास्ता साफ हो सके।
विज ने कहा कि शराब घोटाले के मामले में एसआईटी का गठन कर पहले 3 माह का समय दिया गया था। एसआईटी ने तर्क दिया था कि आबकारी विभाग अपने दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इसलिए एसआईटी ने दो माह का और समय मांगा था। अब वह रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में क्या है इसका अध्ययन करने के लिए एसीएस होम विजय वर्धन को रिपोर्ट भेज दी है।
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